नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले यहां 21 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। ये सभी नक्सली लंबे समय से सक्रिय थे और इन पर सरकार द्वारा लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का इनाम घोषित था।
सुकमा जिला नक्सल प्रभावित इलाकों में गिना जाता है, जहां लंबे समय से हिंसा और डर का माहौल रहा है। ऐसे में इतने बड़े संख्या में नक्सलियों का आत्मसमर्पण करना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन नक्सलियों ने स्वेच्छा से हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
यह भी पढ़ें: ‘आप भारत-मलेशिया दोस्ती की जीवित कड़ी’, भारतीय समुदाय को PM मोदी का संदेश
सुरक्षाबलों का कहना है कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों, जागरूकता कार्यक्रमों और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की ओर से पुनर्वास, आर्थिक सहायता और सामान्य जीवन शुरू करने में मदद दी जाएगी।
इन नक्सलियों ने बताया कि वे जंगलों में हिंसा और असुरक्षा भरा जीवन जीकर थक चुके थे और अब शांति के साथ अपने परिवार और समाज के बीच रहना चाहते हैं। उनके इस फैसले से न केवल नक्सली संगठन को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी गलत रास्ते से लौटने की प्रेरणा मिलेगी।
यह भी पढ़ें: सूडान में RSF का ड्रोन हमला, आठ बच्चों सहित 24 की मौत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आत्मसमर्पण से इलाके में शांति, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह घटना दिखाती है कि नक्सली विचारधारा का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है और लोग अब शिक्षा, रोजगार और बेहतर जीवन की ओर बढ़ना चाहते हैं। सुकमा में हुआ यह आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...