
नेशनल डेस्क: नए साल की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और कुछ ही घंटों में लोग 1 जनवरी का स्वागत करने वाले हैं। इस बीच नए साल की पार्टी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी सामने आ सकती है। दरअसल, न्यू ईयर ईव से ठीक पहले देशभर के डिलीवरी वर्कर्स ने हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इस हड़ताल का असर Swiggy, Zomato, Amazon, Flipkart जैसी बड़ी ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना या जरूरी सामान की डिलीवरी समय पर मिलना मुश्किल हो सकता है।
किन शहरों में दिखेगा ज्यादा असर?
यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के नेतृत्व में की जा रही है। इसके चलते दिल्ली, मुंबई, पुणे, कोलकाता और हैदराबाद जैसे बड़े महानगरों में डिलीवरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। सिर्फ मेट्रो शहर ही नहीं, बल्कि लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर और पटना जैसे टियर-2 शहरों में भी ऑनलाइन डिलीवरी पर असर पड़ने की आशंका है।
एक लाख से ज्यादा वर्कर्स शामिल
यूनियनों का दावा है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में 1 लाख से अधिक डिलीवरी वर्कर्स इस हड़ताल में शामिल हैं। इनमें से कई वर्कर्स ने ऐप पर लॉग-इन न करने या सिर्फ सीमित समय के लिए काम करने का फैसला लिया है।
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क्यों हो रही है यह हड़ताल?
इससे पहले क्रिसमस के दिन भी गिग वर्कर्स ने विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन उनका कहना है कि कंपनियों ने उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। डिलीवरी वर्कर्स का आरोप है कि उन्हें न तो सही वेतन मिलता है और न ही उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाता है। तेजी से सामान पहुंचाने के दबाव में खासकर 10 मिनट डिलीवरी मॉडल के कारण वर्कर्स को सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। धूप, सर्दी, बारिश और रात-दिन काम करने के बावजूद उन्हें दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा या पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं।
गिग वर्कर्स की प्रमुख मांगें
साफ और पारदर्शी वेतन प्रणाली लागू की जाए।
10 मिनट डिलीवरी मॉडल को बंद किया जाए।
बिना कारण आईडी ब्लॉक करने और जुर्माने पर रोक लगे।
सुरक्षा के लिए जरूरी हेलमेट, जैकेट और अन्य साधन दिए जाएं।
एल्गोरिदम के जरिए भेदभाव न हो और सभी को बराबर काम मिले।
प्लेटफॉर्म और ग्राहकों से सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित हो।
तय समय से ज्यादा काम न कराया जाए और ब्रेक मिले।
ऐप और तकनीकी सपोर्ट बेहतर किया जाए।
स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना कवर और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा दी जाए।
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कौन होते हैं गिग वर्कर्स?
डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर और ऐप के जरिए काम करने वाले कर्मचारी गिग वर्कर्स कहलाते हैं। ये लोग काम के हिसाब से भुगतान पाते हैं, लेकिन इन्हें स्थायी कर्मचारी जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। ई-कॉमर्स और सर्विस सेक्टर में इनकी भूमिका बेहद अहम है, फिर भी उनकी समस्याएं लंबे समय से अनदेखी की जा रही हैं।
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