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‘DMK ने सनातन धर्म का अपमान किया’, दीपाथून विवाद पर मद्रास HC के फैसले पर बोले पीयूष गोयल

The DMK has insulted Sanatana Dharma

The DMK has insulted Sanatana Dharma

नई दिल्ली: तिरुप्परनकुंड्रम मंदिर में “दीपाथून” पर दीपक जलाने की परंपरा को लेकर मद्रास हाई कोर्ट के फैसले पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संतोष जताया है। कोर्ट ने जस्टिस जी.आर. स्वामिनाथन के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें दीपक जलाने की सदियों पुरानी परंपरा को जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

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DMK ने सनातन धर्म का अपमान किया

मंगलवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीयूष गोयल ने तमिलनाडु की DMK सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि DMK और उसके नेताओं ने लगातार सनातन धर्म का अपमान किया है, उसका मजाक उड़ाया है और उस पर हमला किया है। गोयल ने कहा कि सितंबर 2023 में तमिलनाडु के डिप्टी मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को खत्म करने जैसी निंदनीय बात कही थी।

इसके कुछ महीनों बाद ही भगवान मुरुगन और भगवान कार्तिकेय से जुड़े तिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी मंदिर में दीपाथून के दौरान दीपक जलाने पर रोक लगा दी गई। उनके मुताबिक, यह कोई संयोग नहीं है। उन्होंने कहा, “यह साफ दिखता है कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन और DMK के अन्य नेता लगातार सनातन धर्म के खिलाफ बयान देते रहे हैं। दीपक जलाने की रोक उसी सोच का नतीजा है।”

मद्रास हाई कोर्ट ने भक्तों को न्याय दिया

पीयूष गोयल ने कहा कि यह बहुत राहत की बात है कि मद्रास हाई कोर्ट ने भक्तों को न्याय दिया। उन्होंने बताया कि तिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर बहुत प्राचीन है और सदियों से यहां भगवान मुरुगन के सम्मान में दीपक जलाने की परंपरा चली आ रही है। इस साल दीपाथून पर 4 दिसंबर 2025 को दीपक जलाए जाने की परंपरा निभाई जानी थी। गोयल ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने 2024 में भी इस परंपरा को निभाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद भक्तों ने कोर्ट का रुख किया। 1 दिसंबर 2025 को जस्टिस जी.आर. स्वामिनाथन ने भक्तों के पक्ष में फैसला सुनाया और दीपक जलाने की अनुमति दी।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद तमिलनाडु सरकार का उस फैसले के खिलाफ अपील करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह साफ तौर पर हिंदू धर्म और सनातन धर्म के प्रति भेदभाव को दिखाता है और DMK की “हिंदू विरोधी” मानसिकता को उजागर करता है। इस बीच, मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने मंगलवार को जस्टिस स्वामिनाथन के आदेश को बरकरार रखते हुए तिरुप्परनकुंड्रम मंदिर में दीपाथून के दौरान दीपक जलाने की अनुमति को सही ठहराया है।

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