चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों में करीब एक दर्जन नए आधुनिक, उद्योगोन्मुखी डिप्लोमा और तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू होंगे।
हरियाणा के शिक्षा और तकनीकी शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने और प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। यह कदम उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं, तकनीकों तथा कौशल आधारित रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि राजकीय संस्थानों में इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग (वीएलएसआइ डिजाइन एवं टेक्नोलाजी), साइबर फारेंसिक्स एवं सूचना सुरक्षा, टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, आर्टिफिसर ट्रेनिंग (इलेक्ट्रिकल), पर्यावरण इंजीनियरिंग, जियो इन्फार्मेटिक्स और सर्वेक्षण प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलाजी, टेक्नीशियन एक्स-रे टेक्नोलाजी, पत्रकारिता एवं जनसंचार, शुगर टेक्नोलाजी तथा एपैरल डिजाइन और फैशन टेक्नोलाजी कोर्स शुरू होंगे।
महिपाल ढांडा के अनुसार इन सभी नए पाठ्यक्रमों में प्रत्येक कोर्स के लिए 60-60 विद्यार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इन पाठ्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों, डिजिटल सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाओं, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा विशेष औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित व्यावहारिक व रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना है। ढांडा ने बताया कि यह महत्वपूर्ण पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनइपी-2020) और उद्योग 4.0 की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी। तकनीकी शिक्षा विभाग का यह प्रयास न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि उद्योगों के लिए राज्य में ही कुशल और योग्य मानव संसाधन भी तैयार करेगा।
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