नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि सरकार के सभी राजस्व जिलों की सीमाओं को दिल्ली नगर निगम के 12 जोन के अनुरूप व्यवस्थित किया जाएगा। इसका उद्देश्य कार्यों में समन्वय बनाए रखना, किसी प्रकार की अव्यवस्था या सीमा संबंधी जटिलताओं से बचना और जनता की समस्याओं का प्रभावी व समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी अलीपुर स्थित जिला मैजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय परिसर में नवनिर्मित जिला विकास कार्यालय (डीडीसी) चेयरमैन ऑफिस के उद्घाटन के दौरान दी। उन्होंने कहा कि सुशासन की दिशा में यह बड़ा कदम है और सरकार जनता की समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई के माध्यम से जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने की प्रतिबद्धता दोहराई और ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान के तहत श्रमदान कर स्वच्छता में जन-सहभागिता की अपील भी की। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद योगेंद्र चांदोलिया, समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह, दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट और विधायक अशोक गोयल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि शासन को पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए सभी 11 जिलों में मिनी सचिवालय स्थापित किए जा रहे हैं और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर जिला कार्यालय की पुरानी खामियों को दूर कर इसे पूरी तरह नवीनीकृत किया गया है। डीएम कार्यालयों को सुशासन का प्रतीक बनाने के लिए सरकार ने ठोस पहल की है। अधिकारियों को आवश्यक स्टाफ, सहयोग, अधिकार और वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि उनकी कार्यक्षमता और प्रभावशीलता बढ़ सके। चेयरमैन जनता से सीधे संवाद बनाए रखेंगे और नियमित जनसुनवाई का आयोजन करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान में युवा साथियों और नागरिकों के साथ श्रमदान किया और कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने में स्वच्छता कर्मियों का योगदान राष्ट्र-निर्माण के पुण्य कार्य के समान है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि कूड़े को देख कर उसे हटाना अपनी जिम्मेदारी मानें।
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