नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील सामग्री देखने पर रोक लगाने का निर्देश केंद्र सरकार को देने संबंधी एक जनहित याचिका सोमवार को यह कहते हुए खारिज कर दी कि यह एक नीतिगत मामला है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता से कहा कि वह अपना अभ्यावेदन सरकार के प्राधिकारियों को दें। पीठ ने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं कि उठाया गया मुद्दा बहुत अहम है।
हालांकि, इस मामले में कानून से जुड़ा ऐसा कोई सवाल नहीं है, जिस पर इस अदालत को विचार करने की जरूरत है। यह नीतिगत मामला है, जिसके लिए तकनीक और विशेषज्ञों की राय की जरूरत है। ऐसे मामले विशेषज्ञों, खासकर इलैक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।’ न्यायालय सामाजिक कार्यकर्ता बी.एल. जैन की याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

