Operation Blue Star: जून 84 में आपरेशन ब्ल्यु स्टार के लिए सिख कौम व पंथ इंदिरा गांधी परिवार व कांग्रेस को अभी तक आरोपी मानता है और गांधी परिवार को नफरत भरी नजर से सिख कौम देखती है और आपरेशन ब्ल्यु स्टार मे सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब व श्री अकाल तख्त साहिब पर गोलियो व तोपो से हमला करने की घटना सिख कौम अभी तक भूली नही है। गोलियो से छल्लनी हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के जख्मी सरुप को अभी तक एसजीपीसी ने सरंक्षित करके रखा है। इस मुददे को लेकर पंथ गुस्से मे है।
इस संबंधित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब रमदास में राहुल गांधी को सिरोपा दिए जाने के मामले में कहा है कि एसजीपीसी कार्यकारणी कमेटी द्वारा लिए निर्णय के अनुसार, गुरुद्वारा साहिबों के दरबार में विशेष व्यक्तियों को सिरोपा दिए जाने पर प्रतिबंध है। यह सम्मान केवल धार्मिक व्यक्तित्वों, रागी सिंहों और गुरु दरबार में उपस्थित सिख महापुरुषों को ही दिए जाने तक सीमित है। गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब रामदास में हुई घटना की जाँच की जा रही है। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
राहुल को सिरोपा देना बर्दाश्त नहीं : एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिखों के नरसंहार के दोषी कांग्रेस नेता और गांधी परिवार के सदस्य राहुल गांधी को गुरु द्वारा साहिब से सिरोपा किसी भी तरह बर्दास्त नहीं किया जा सकता।
ग्रंथी ने किया अपराध व सिख कौम का अपमान : अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने सोशल मीडिया पर इससंबधित कहा है कि बाबा बुड्ढा जी का पवित्न स्थान रमदास मे मौजूद है वहां पर सिखों के सबसे बड़े दुश्मन और हत्यारे गांधी परिवार को सिरोपा देना बहुत बड़ा अपराध है। एक तरफ ब्रह्म ज्ञानी बाबा बुड्ढा जी का पवित्न स्थान, जिनका निर्माण श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी के आदेश पर हुआ था और दूसरी तरफ राहुल गांधी, जिनकी दादी इंदिरा गांधी ने श्री अकाल तख्त साहिब को टैंकों और तोपों से ध्वस्त कर दिया था। जून 1984 में श्री हरिमंदिर साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब में गोली मारी गई थी, उस परिवार के व्यक्ति को ग्रंथी सिंह द्वारा सिरोपा देना सिख समुदाय के लिए बहुत अपमानजनक है।
गुरुद्वारा प्रबंधन में कमियां दूर करे एसजीपीसी : जत्थेदार जगतार सिंह हवारा कमेटी के प्रवक्ता प्रो बलजिंदर सिह ने कहा है कि गुरुद्वारा प्रबंधन मे कमी होने के कारण यह अपमानजनक घटना सामने आई कि किसी दुश्मन को गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा जी रमदास से गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी ने सिरोपा दिया और पूर्व अरदासिया सिंह साहिब ने अरदास की। ऐसी अपमानजनक स्थिति मे एसजीपीसी को सबक लेना चाहिए और मंथन करना चाहिए कि एसजीपीसी अधीन गुरुद्वारो मे प्रबधन मे कितनी कमियां है। क्या ग्रंथियों को सिरोपा पर लगे प्रबंध बारे बार बार जानकारी पत्र-विहार से दी गई थी और उनकी सलाह है कि जब तक सिख कौम इंदिरा गांधी के परिवार को मुआफ नही करती सभी गुरुद्वारों में इसके संबध मे बोडऱ् स्थापित कर देने चाहिए। बाकी एसजीपीसी कार्यकारणी की मर्जी पर निर्भर है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...