नई दिल्ली: कांग्रेस ने कहा कि हाल में पाकिस्तान के खिलाफ हुई सैन्य कार्रवाई में वायु सेना ने अत्यंत सराहनीय और जबरदस्त प्रदर्शन करते आतंकवादी ठिकानों को सटीक निशाना बनाकर ध्वस्त किया, लेकिन चीन की तुलना में भारतीय वायु सेना को ज्यादा सशक्त बनाने की जरूरत है और इसके लिए अत्याधुनिक तकनीकी तथा उपकरण के इस्तेमाल पर सरकार को ध्यान देना पड़ेगा। तेलंगाना सरकार में मंत्री तथा वायु सेना में फाइटर पायलट रहे डॉ. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में भारतयी वायु सेना ने भूमिका निभाई है और इस दौरान उसने जिस शौर्य का प्रदर्शन किया है वह सरहानीय है। उन्होंने वायु सेना प्रमुख एपी सिंह के हालिया बयानों को उद्धृत करते कहा कि वायु सेना सुधार के हिसाब से कई अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मुद्दों को उठाया है।
उनका कहना था कि लड़ाकू विमानों और हथियारों की आपूर्ति में भारी देरी वायुसेना के लिए एक गंभीर समस्या है। भारत रक्षा प्रौद्योगिकी और रक्षा उत्पादन क्षेत्र में चीन से पीछे है हालांकि अच्छी बात यह है कि हमारे प्रशिक्षण मानक चीन के मुकाबले बहुत बेहतर हैं। उन्होंने वायु सेना में सुधार के लिए गंभीर विषय सामने रखे हैं और सरकार को देश की वायु सेना को मजबूत बनाने की दिशा में सुधारात्मक तथा आवशय़क कदम उठाने चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि बकौल एअर मार्शल सिंह भारत के पास लड़ाकू विमानों की कमी है और हमारी वायुसेना को सालाना 35-40 लड़ाकू विमानों की जरूरत होती है। एचएएल को हर साल 24 लड़ाकू विमान आपूर्ति करने का अनुबंध दिया गया है और वह इसे भी पूरा करने में विफल रहा है।

