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हरियाणा विधानसभा सत्र का आज तीसरा दिन, CM सैनी 4 और बिल कराएंगे पास, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक सबसे अहम

November 18, 2024

हरियाणा विधानसभा सत्र का आज तीसरा दिन, CM सैनी 4 और बिल कराएंगे पास, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक सबसे अहम

Haryana Vidhan Sabha Session : हरियाणा विधानसभा सत्र का आज तीसरा दिन है। 2 दिन की कार्यवाही में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद अब कुछ महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाएंगे। मौजूदा 15वीं हरियाणा विधानसभा के चल रहे पहले सत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी सदन में अन्य 4 विधेयक पेश करेंगे। सबसे अहम विधेयक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (हरियाणा संशोधन) विधेयक 2024 रहने वाला है।

इस विधेयक से सूबे के 22 जिलों और प्रदेश के करीब 3 दर्जन उप-मंडलों में स्थापित ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालतों में क्रिमिनल केसों में जुर्माना लगाने की शक्ति में 10 गुना की बढ़ोतरी हो जाएगी। वर्तमान में अधिकतम 3 वर्ष तक के लिए जेल या अधिकतम 50 हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों या सामुदायिक सेवा का दंडादेश दे सकता है। अब इसमें संशोधन कर जुर्माने की धनराशि को अधिकतम मौजूदा 50 हजार रुपए से 10 गुना बढ़ाकर 5 लाख रुपए किए जाने का प्रावधान किया गया है।

इसी प्रकार धारा 23(3) के अंतर्गत द्वितीय श्रेणी का ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट वर्तमान में अधिकतम एक वर्ष तक का कारावास या अधिकतम 10 हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों या सामुदायिक सेवा का दंडादेश दे सकता है। इसमें अब संशोधन कर जुर्माने की राशि को मौजूदा अधिकतम 10 हजार रुपए से 10 गुना बढ़ाकर एक लाख रुपए करने का प्रावधान किया जा रहा है।

कानूनी विश्लेषक हेमंत कुमार ने बताया कि अगले सप्ताह हरियाणा विधानसभा सदन से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (हरियाणा संशोधन) विधेयक, 2024 पारित होने के बाद इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसके बाद यह विधेयक राष्ट्रपति भवन को भेजा जाएगा। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ही इस संशोधित विधेयक को अपनी स्वीकृति प्रदान करेंगी। इस सारी प्रक्रिया में कुछ माह का समय लग सकता है। इसके बाद ही पारित विधेयक विधिवत तौर से कानूनी बन सकेगा।

हेमंत कुमार बताते हैं कि 1 जुलाई 2024 से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 को देश भर में लागू किया गया है। इसने 51 साल पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता अर्थात कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर (CRPC), 1973 का स्थान लिया था।

विधानसभा सत्र के पहले दिन गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय का अभिभाषण हुआ। इसमें गवर्नर ने 2 बड़ी घोषणाएं की। इसके बाद गवर्नर के अभिभाषण में चर्चा हुई, जिसमें कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने मंत्री अनिल विज के जान को खतरा बताने वाले बयान का जिक्र किया।

इस पर पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने चुटकी लेते हुए कहा कि अनिल विज को गृहमंत्री बना दीजिए, सब ठीक हो जाएगा। इसके साथ अशोक अरोड़ा ने CM से जवाब भी मांगे। इस पर कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने विरोध जताया। ढांडा के विरोध पर भूपेंद्र हुड्‌डा खड़े हुए। उन्होंने ढांडा से कहा कि आप लोग इतनी देर से गप्पें मार रहे हो, हम भी तो सुन ही रहे हैं न। इसलिए आप भी सुनिए। CM को विधायक की मांग माननी चाहिए।

सत्र के पहले दिन 7 विधेयक पेश किए गए। इनमें हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2024, हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक 2024, हरियाणा नगर पालिका (संशोधन) विधेयक 2024, हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक 2024, हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा (विनियमन) संशोधन विधेयक 2024, हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधक) संशोधन विधेयक 2024 और हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) विधेयक 2024 शामिल हैं।

दूसरे दिन की कार्यवाही के दौरान CM नायब सैनी ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण पर अपनी बात रखी। इस दौरान CM ने तंज कसा कि विपक्ष का नेता नहीं बना। ऊपर से लेटर नहीं आया। यह सुनकर पूर्व CM भूपेंद्र हुड्‌डा ने पंजाबी में जवाब दिया कि बणे ना बणे, तुहानूं की (बने या न बने, आपको क्या)।

CM ने कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला को भी नसीहत दे डाली कि वह पिता रणदीप सुरजेवाला के पदचिह्नों पर न चलें। वहीं, कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा ने कहा कि भाजपा को EVM की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद भाजपा के कई विधायकों ने अपनी सीट से खड़े होकर इस बयान का विरोध किया।

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