Today’s Weather 18 Jan 2026: उत्तर भारत में सर्दी अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ती नजर आ रही है। मौसम के ताज़ा रुझानों के मुताबिक जनवरी का वह दौर, जिसे सबसे ज्यादा ठंडा माना जाता है, अब लगभग समाप्त हो चुका है। न्यूनतम तापमान में हल्की लेकिन लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे बेहद सर्द हालात से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सुबह-शाम कोहरा अब भी परेशानी की वजह
हालांकि ठंड का असर कम हो रहा है, लेकिन सुबह और शाम के समय घना कोहरा अभी कुछ दिनों तक दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में दिन की शुरुआत धुंध और कोहरे के साथ होने की संभावना बनी हुई है। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की जा रही है।
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उत्तर प्रदेश और बिहार में ज्यादा असर
उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में कोहरे का प्रभाव अधिक रहने का अनुमान है। पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में घना कोहरा छा सकता है। लखनऊ, कानपुर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 6 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि वाराणसी, गोरखपुर, पटना और गया में यह 7 से 11 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। दिन का तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बादल और हल्की बारिश के संकेत
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिलहाल ठंड की लहर जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन सुबह हल्के से लेकर घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। 19 से 21 जनवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में और सुधार देखने को मिल सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता इस बदलाव की प्रमुख वजह है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बादल व हल्की बारिश तापमान को संतुलित कर रही है। 18 से 23 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी संभव बताई जा रही है।
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पहाड़ों में बर्फबारी, सड़कों पर असर की आशंका
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य या उससे नीचे जा सकता है, जिससे पहाड़ी सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि 22–23 जनवरी के बाद हालात में सुधार के संकेत हैं।
कोहरे से यातायात और स्वास्थ्य पर असर
कोहरा फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। ट्रेनों और उड़ानों के संचालन पर असर पड़ रहा है और सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड कम होने के बावजूद सुबह-शाम की ठंडी हवा और नमी से बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतनी चाहिए।
दक्षिण भारत में मौसम स्थिर
दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क और स्थिर बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मानसून की विदाई के बाद बारिश की गतिविधियां लगभग थम चुकी हैं। तापमान सामान्य स्तर पर है और अगले कुछ दिनों तक किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।
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