
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास और उनका गौरव भारत की संस्कृति और सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी की लड़ाई में भी आदिवासी समुदाय का योगदान बहुत बड़ा था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। PM मोदी ने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने महान स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना शुरू किया, ताकि देश उनके बलिदान और आदिवासी परंपराओं को सम्मान दे सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा, “जब भी देश के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की बात आती है, आदिवासी समाज हमेशा आगे खड़ा रहा है। आज़ादी के आंदोलन में उनका योगदान बहुत बड़ा है और इसे याद रखना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने छह दशकों तक आदिवासी समुदायों की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि कई आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण, शिक्षा की कमी और विकास की धीमी गति जैसी समस्याएँ बनी रहीं। पीएम मोदी ने कहा, “भाजपा हमेशा आदिवासी कल्याण को प्राथमिकता देती है और इसी संकल्प के साथ हमने कई योजनाएं शुरू की हैं, ताकि आदिवासी भाई-बहनों को न्याय और विकास मिल सके।”
अपने संबोधन से पहले PM मोदी ने सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया और मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की। यह भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसे देश के लिए एक बड़े बुनियादी ढांचे के बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई लगभग 508 किलोमीटर है, जिसमें352 किमी हिस्सा गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में, 156 किमी हिस्सा महाराष्ट्र में आता है।
यह ट्रेन साबरमती, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, वापी, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगी। परियोजना में 85% मार्ग पुलों पर बनाया जा रहा है ताकि जमीन पर कम असर पड़े और सुरक्षा बढ़े। अभी तक लगभग 326 किमी पुलों का काम पूरा हो चुका है, और 25 में से 17 नदी पुलों का निर्माण भी हो चुका है। यह बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय को लगभग दो घंटे कर देगी, जिससे यात्रा तेज़ और सुविधाजनक हो जाएगी। इससे व्यापार, पर्यटन और आर्थिक विकास को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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