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मोहर्रम पर लखनऊ अग्निकांड के मृतकों को दी गई श्रद्धांजलि, लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर किया याद

Lucknow Coaching fire

Lucknow Coaching fire

नेशनल डेस्क: लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड का दर्द अभी भी लोगों के दिलों में ताजा है। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी। बुधवार को मोहर्रम के अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी लोग हाथों में मोमबत्तियां लेकर पहुंचे और हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया। कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा और कई लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।

दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने मृतकों की याद में दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद सभी ने मोमबत्तियां जलाकर और फूल अर्पित कर दिवंगत लोगों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति प्राप्त हो। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राणा भी मौजूद रहीं। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और इससे कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी मांग

श्रद्धांजलि सभा में शामिल लोगों ने सरकार और प्रशासन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। लोगों का कहना था कि सार्वजनिक भवनों और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी को अपनी जान न गंवानी पड़े। इसके अलावा लोगों ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। उनका कहना था कि लापरवाही बरतने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि आगे कोई भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने की हिम्मत न कर सके।

22 जून को हुआ था दर्दनाक हादसा

बता दें 22 जून को लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में भवन निर्माण और सुरक्षा मानकों से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन की बातें सामने आई थीं। बताया गया कि इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था। आग लगने के बाद धुआं और लपटें तेजी से फैल गईं, जिसके कारण अंदर मौजूद कई लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके और फंस गए।

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