Last Updated: October 10, 2026

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UPI लाइट वॉलेट की लिमिट हुई 5000 रुपये, प्रति ट्रांजैक्शन की लिमिट बढ़ी

December 5, 2024

UPI लाइट वॉलेट की लिमिट हुई 5000 रुपये, प्रति ट्रांजैक्शन की लिमिट बढ़ी

मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक ने मोबाइल फोन के जरिए इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देते हुए यूपीआई लाइट के लिए वॉलेट लिमिट को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने की घोषणा की है। इसके अलावा, प्रति ट्रांजैक्शन की लिमिट को भी 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है।
आरबीआई के अनुसार, यूपीआई लाइट के जरिए अब एक व्यक्ति को एक बार में अधिकतम 1,000 रुपये भेजे जा सकते हैं। रिजर्व बैंक सर्कुलर में कहा गया है, ‘यूपीआई लाइट के लिए बढ़ी हुई लिमिट प्रति लेनदेन 1,000 रुपये होगी और किसी भी समय कुल सीमा 5,000 रुपये होगी।’

बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम पर नहीं रहती निर्भर
यूपीआई पेमेंट के लिए यूजर को यूपीआई पिन की जरूरत होती है। यूपीआई लाइट के जरिए स्मार्टफोन यूजर को कम कीमत वाले लेनदेन बिना यूपीआई पिन के करने की सुविधा मिलती है। यूपीआई लाइट एक कस्टमर-फ्रेंडली अप्रोच है, जो कि रियल टाइम में बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम पर निर्भर नहीं रहती।
यूपीआई लाइट व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान, व्यक्ति-से-व्यापारी भुगतान और छोटे व्यापारी भुगतान के लिए ऑफलाइन लेनदेन को सपोर्ट करता है। यूपीआई लाइट के साथ यूजर को पेमेंट के लिए ऑफलाइन डेबिट की सुविधा मिलती है, लेकिन क्रेडिट के लिए ऑनलाइन रहना जरूरी है।

ऑफलाइन डिजिटल मोड में छोटे मूल्य के भुगतान की सुविधा
अधिकांश यूपीआई मर्चेंट लेनदेन स्थिर या गतिशील क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते हैं, जिसके लिए भुगतान पूरा करने के लिए प्राप्तकर्ता तक ऑनलाइन संदेश पहुंचना जरूरी है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब आरबीआई उन टेक्नोलॉजी की पायलेट टेस्टग कर रहा है, जो उन स्थितियों में खुदरा डिजिटल भुगतान को सक्षम बनाती हैं, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कम है या उपलब्ध नहीं है।
पिछली बार अक्टूबर में, आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति के हिस्से के रूप में इन यूपीआई पेमेंट लिमिट को एडजस्ट करने का इरादा जताया था। केंद्रीय बैंक ने विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर अपने बयान में कहा था, ‘ऑफलाइन डिजिटल मोड में छोटे मूल्य के भुगतान की सुविधा के लिए रिजर्व बैंक द्वारा जारी रूपरेखा, जिसके तहत यूपीआई लाइट को सक्षम किया गया है, में उचित संशोधन किया जाएगा।’

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