UPI payment : ऑनलाइन पेमेंट करना आज हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। इसके चलते आज कई लोगों ने कैश तक रखना बंद कर दिया है। बीते दिनों आई एक रिपोर्ट में UPI ने अमेरिका के VISA पेमेंट को ऑनलाइन पेमेंट करने के मामले में पीछे छोड़ दिया है। लेकिन कई बार जब UPI का सर्वर डाउन हो जाता है तो लोगों को मुशिकलों का सामना करना पड़ता है। गुरुवार सुबह से पूरे भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सेवाओं में भारी व्यवधान आया, जिससे हज़ारों उपयोगकर्ता परेशान रहे और व्यवसायों को वैकल्पिक विकल्पों की तलाश करनी पड़ी। यह इस साल की चौथी बड़ी रुकावट है।
लम्बे समय तक बनी रही समस्या
शाम लगभग 7.45 बजे रिपोर्टें आने लगीं, जिनमें गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता लेनदेन पूरा नहीं कर पा रहे थे। रात 8.30 बजे तक, डाउनडिटेक्टर, जो एक ऐसी वेबसाइट है जो सेवा व्यवधानों पर नज़र रखती है पर 2,147 रुकावट की शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से लगभग 80% शिकायतों में भुगतान का प्रयास करते समय आने वाली समस्याओं का हवाला दिया गया।
ये बैंक रहे अधिक प्रभावित
इस गड़बड़ी के कारण एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और कोटक महिंद्रा बैंक सहित प्रमुख बैंकों में लेनदेन बाधित हुआ।
भगतान के लिए UPI का अधिक इस्तेमाल
एक रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई भारत के डिजिटल भुगतान परिदृश्य पर हावी बना हुआ है और 2024 में कुल लेनदेन का लगभग 65% हिस्सा रहा। यह प्रणाली विशेष रूप से छोटे और मध्यम मूल्य के लेनदेन के लिए लोकप्रिय है, जबकि क्रेडिट कार्ड और ईएमआई का उपयोग स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहा है।

