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 किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 25 साल की सजा

बलिया: जिला की एक स्थानीय अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के करीब दो साल पुराने मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 25 साल कैद और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अधिकारी ने बताया कि अपराध के समय आरोपी की उम्र 16 वर्ष थी, जबकि सजा सुनाए जाने के समय वह 18 वर्ष से अधिक उम्र का हो चुका है। विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार राम ने बताया कि न्यायाधीश प्रथम कांत ने अपने आदेश में गाजीपुर स्थित विशेष गृह के अधीक्षक को निर्देश दिया है कि दोषी के 21 वर्ष की आयु पूरी करने तक उसकी पढ़ाई तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित किया जाए।

आदेश में कहा गया है कि आरोपी के 21 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद उसे शेष सजा काटने के लिए जिला कारागार भेजना सुनिश्चित किया जाए और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 20 के प्रावधानों के तहत परिवीक्षा अधिकारी के माध्यम से उसकी प्रगति की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 वर्षीय किशोरी 21 अगस्त 2024 को घर में अकेली थी। उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी के लिए गए थे, जबकि उसकी मां मायके गई हुई थी।

इसने बताया कि इसका फायदा उठाकर नगरा थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी 16 वर्षीय किशोर उसके घर में घुस गया और उससे दुष्कर्म किया। किशोरी के गांव में अपनी बुआ के घर रह रहा था। इस मामले में किशोरी के पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रथम कांत की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को आरोपी को दोषी करार दिया और उसे 25 साल कैद तथा 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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