
लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का प्रबल पराक्रम और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का धर्मनिष्ठ जीवन समाज को अन्याय के प्रतिकार, नारी-सम्मान और कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अवसर को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संकल्प लेने का आह्वान किया।
योगी ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप प्रदेश सरकार ने कानून के शासन और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग गरीबों के हित में किया जा रहा है और ऐसी जमीन पर जरूरतमंदों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार की ओर से इसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।
योगी ने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विजयादशमी पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है, उसी प्रकार समाज में मौजूद अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता को भी समाप्त करने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने लोगों से नशे की लत, पारिवारिक कलह, जातीय भेदभाव और दहेज-प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्ति का संकल्प लेने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब विकास के साथ सामाजिक समरसता, सुरक्षा और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा मिले। उन्होंने अपने संदेश में प्रदेशवासियों से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और विजयादशमी के पर्व को सामाजिक जागरूकता एवं सकारात्मक बदलाव के संकल्प के रूप में मनाने की अपील की।