Last Updated: November 5, 2026

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देश की एकता से समझौता करने वालों को इतिहास ने नकारा : CM YOGI

July 6, 2026

देश की एकता से समझौता करने वालों को इतिहास ने नकारा : CM YOGI

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें भारत माता का महान सपूत, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी राष्ट्रवादी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का उद्घोष किया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का निरसन हटाकर साकार किया।

लखनऊ में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक शिक्षाविद या राजनेता नहीं थे, बल्कि देश की अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले राष्ट्रनायक थे। उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने मुखर्जी ने शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दिया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के विभाजन के समय जब पूरे बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश हो रही थी, तब डॉ. मुखर्जी उसके खिलाफ मजबूती से खड़े हुए। उन्होंने कहा कि आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है तो उसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले खाद्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में भी डॉ. मुखर्जी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया लेकिन देशहित के मुद्दों पर समझौता न करते हुए उन्होंने मंत्रिमंडल छोड़ दिया और बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना की।

उन्होंने कहा कि कश्मीर की परमिट व्यवस्था और विशेष दर्जे के खिलाफ डॉ. मुखर्जी का आंदोलन देश की एकता का प्रतीक था। योगी ने कहा कि वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर केंद्र सरकार ने बाबा साहब के संविधान को जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू किया और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अधूरे संकल्प को पूरा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए डॉ. मुखर्जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

 

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