Uttarakhand Cloudburst : उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। बता दें कि धरली के ऊंचे इलाकों में बादल फटने के बाद,खीरगंगा नदी में अचानक आए सैलाब ने पूरे इलाके को तहस-नहस कर दिया। बता दें कि इस तेज बहाव और मलबे की चपेट में आकर 20 से अधिक होटल, घर और होमस्टे ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस बीच, धरली, हर्षिल और सुखी टॉप में बचाव अभियान जारी है। अब तक 130 से ज़्यादा लोगों को बचाया जा चुका है।
उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने की दर्दनाक घटना बेहद चिंताजनक है।
जन-जीवन और संपत्ति को हुए नुकसान की खबरें व्यथित करने वाली हैं। कई लोग अब भी लापता हैं।
बाबा केदारनाथ से प्रार्थना है कि सभी सुरक्षित हों और लापता लोगों की शीघ्र खोज हो।#Uttarkashi #Uttarakhand #Dharali pic.twitter.com/QJrCySO38m
— Ishan Rajiv Tyagi (@IshanRTyagi) August 5, 2025
130 से अधिक लोगों का रेस्क्यू, बचाव कार्य जारी
सेना, NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें मौके पर राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं। मिली जानकारी के अनुसार अब तक 130 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। सुक्खी टॉप और हर्षिल जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
Over 130 rescued as cloudburst triggers devastation in Uttarkashi; CM Dhami assures full support to affected people
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— ANI Digital (@ani_digital) August 5, 2025
10 लोगों की मौत, सेना के 10 जवान लापता
इस त्रासदी में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सेना के करीब 10 जवान लापता हैं। सेना की 14वीं RAJRIF बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हर्षवर्धन स्वयं 150 जवानों के साथ राहत कार्यों में डटे हुए हैं।
धराली गांव का बड़ा हिस्सा मलबे में दबा
आपको बता दें कि धारली गंगोत्री धाम से लगभग 20 किलोमीटर पहले है और यात्रा का एक प्रमुख पड़ाव है। इस घटना में धारली गांव का कम से कम आधा हिस्सा मलबे में दब गया। बाढ़ के पानी और मलबे के तेज बहाव में तीन-चार मंजिला मकानों समेत आसपास की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। अधिकारियों के अनुसार, खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से यह विनाशकारी बाढ़ आई। धारली बाढ़ से प्रभावित होने वाला अकेला गांव नहीं था। तेज रफ्तार बाढ़ एक ही पहाड़ी की दो अलग-अलग दिशाओं में बह रही थी- एक धारली की ओर और दूसरी सूखे गांव की ओर।
#WATCH | Uttarakhand | Visuals from the area en route to the ground zero of the Uttarkashi cloudburst incident. pic.twitter.com/ZLRILr1AHU
— ANI (@ANI) August 6, 2025
रेस्क्यू में मौसम बना रोड़ा
मौसम खराब होने से राहत कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। ADRF ने पहली बार शव खोजी कुत्तों की टीम तैनात की है, जिन्हें दिल्ली से एयरलिफ्ट किया जा रहा है। तीन अन्य टीमों को भी मौके पर भेजा गया है।
हर्षिल आर्मी कैंप और हरिद्वार रेलवे ट्रैक भी प्रभावित
हर्षिल आर्मी कैम्प को भी नुकसान पहुंचा है। हेलिपैड डूब चुका है। वहीं, हरिद्वार में भीमगौड़ा टनल के पास मलबा गिरने से हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन बाधित हो गई है।
उत्तराखंड में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी और अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शोक व्यक्त किया
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, “उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।”
उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 5, 2025
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