अंबाला। प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनाव प्रचार आज शाम को थम जाएंगी। अभी प्रत्याशी और उनके समर्थक डोर-टू-डोर प्रचार कर रहे हैं। इन चुनावों में 614 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मतदान 10 मई को सुबह 8 बजे शुरू हो जाएगा। इस दिन को हरियाणा सरकार ने पेड हॉलीडे घोषित कर दिया है।
अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में नगर निगम के लिए मतदान होगा। इसके अलावा मेयर पद और वार्ड पार्षद और नगर परिषद रेवाड़ी, नगर पालिका उकलाना, सांपला, धारूहेड़ा और सांपला में अध्यक्ष और पार्षद के लिए मतदान किया जाएगा। पंचायतों में जिला परिषद की एक, पंचायत समिति के लिए चार सीटों, सरपंच की 24 सीटों और पंच की 28 सीटों पर चुनाव होना है। 290 सीटों पर सरपंच, पंच और पंचायत समिति सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
इसके अलावा टोहाना, झज्जर, राजौंद, तरावड़ी, कनीना और साढौरा में एक-एक वार्ड के लिए उपचुनाव भी होंगे। मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 44 जबकि पार्षद के लिए 570 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव की घोषणा 13 अप्रैल को हुई थी। हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव गौरव कुमार ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा और ज्यादा से ज्यादा मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी मतदाताओं को उनके घर जाकर वोटर स्लिप वितरित की गई हैं। हरियाणा में स्थानीय निकाय चुनावों में पहली बार यह व्यवस्था लागू की है।
पंचकूला की मतदाता सूची में आठ हजार से ज्यादा लोगों के नाम दो बार मिले हैं। इस पर आयोग ने कहा कि मतदाता सूची के साथ घर-घर जाकर सत्यापन किया गया है। जब वे वोट डालने जाएंगे तो बीएलओ उनसे एक डिक्लेरेशन फार्म भरवाएगा कि उन्होंने कहीं दूसरी जगह वोट नहीं डाला है। बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि जिनके नाम डबल हैं, वे किसी भी तरह दो बार वोट न डाल पाए। उनका मतदाता पहचान पत्र व फोटो को पूरी सतर्कता से जांच करनी होगी। हरियाणा के सात निकायों के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है।
सबसे ज्यादा सक्रियता भाजपा की ओर से देखने को मिली जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद चुनाव मैदान में पूरी ऊर्जा के साथ डटे रहे। मुख्यमंत्री ने करीब 15 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इनमें जनसभाओं के साथ पार्टी का घोषणा पत्र लॉन्च करना भी शामिल रहा। चुनाव की घोषणा होने से पहले ही भाजपा ने सातों निकायों में अपने एक-एक कैबिनेट मंत्री की ड्यूटी लगा दी थी। उसके बाद जैसे ही 28 अप्रैल को नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई तो पूरी कैबिनेट प्रचार में उतर गई।
भाजपा की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही निकाय में एक दिन में तीन अलग-अलग मंत्री अलग-अलग समय पर प्रचार के लिए पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने भी आधा दर्जन से अधिक कार्यक्रम संभाले और उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। प्रदेश प्रभारी सतीश पुनिया ने भी दो कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरा। भाजपा का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने और चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर लड़ने पर रहा। मुख्यमंत्री सैनी कई वार्डों तक में गए।
पंचकूला में पार्टी के बागियों को मनाने के लिए वे खुद उनके घर तक पहुंचे और पंचकूला में चार पार्षद उम्मीदवारों को बैठाने में कामयाब रहे। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस में मेयर पद के उम्मीदवार और पूर्व मेयर उपेंद्र कौर आहलुवालिया को पार्टी में शामिल कराया। कांग्रेस में सबसे सक्रिय सांसद दीपेंद्र हुड्डा रहे। उन्होंने सातों निकायों में 10 दस जनसभाएं व कार्यक्रम किए। कांग्रेस ने मतदाता सूची में डुप्लीकेट वोट का खुलासा कर माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंचकूला में प्रेस कांफ्रेंस और सोनीपत में प्रचार किया।
Also Read :
Also Read :
Also Read :
Also Read :
मेष: दिन शुभ रहेगा...