कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर अपने ही विधायक के बयान को लेकर राजनीतिक दबाव में आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कमरहट्टी से विधायक मदन मित्रा के भगवान राम से जुड़े कथित बयान ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप तेजी से प्रसारित हो रही है। इस क्लिप में मदन मित्रा को सार्वजनिक मंच से भगवान राम को लेकर आपत्तिजनक दावा करते हुए सुना जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी भाजपा ने इसे धार्मिक आस्था के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया है कि टीएमसी नेताओं की ओर से बार-बार ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जो बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को आहत करते हैं। प्रदेश भाजपा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल वीडियो साझा करते हुए इसे सांस्कृतिक मूल्यों का अपमान बताया और टीएमसी से अपने विधायक पर कार्रवाई करने की मांग की।
विवाद गहराने पर तृणमूल कांग्रेस ने इस बयान से दूरी बनाते हुए सफाई दी है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि रामायण और उससे जुड़ी परंपराएं देश की साझा विरासत हैं और इस विषय पर पार्टी कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करना चाहती।
उधर, मदन मित्रा की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि उनके करीबी लोगों का दावा है कि वायरल वीडियो असली नहीं है और इसे तकनीक की मदद से तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उनका कहना है कि यह क्लिप एआई से तैयार की गई हो सकती है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब मदन मित्रा अपने बयानों को लेकर चर्चा और विवाद के केंद्र में आए हों। इससे पहले भी उनके वक्तव्यों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
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