अंबाला। प्रदेश में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम रोजाना बदल रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में आंधी, बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और चरखी दादरी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज भी राज्य के अधिकतर हिस्सों में बारिश के आसार बने रहे। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि परसों यानी कि 6 जून तक प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि दो पश्चिमी विक्षोभों का आंशिक प्रभाव हरियाणा के मौसम पर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हवाओं की दिशा में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
पंजाब पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना
डॉ. खीचड़ के अनुसार पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से हरियाणा के अधिकतर हिस्सों में 6 जून तक मध्यम से तेज गति की हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और हल्की बारिश होने के आसार हैं। कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है। प्रदेश के अधिकतम तापमान में मंगलवार को हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन यह अभी भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस कम है। सिरसा 41.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।
प्रदेश में दर्ज की 18 फीसदी अधिक बारिश
महेंद्रगढ़ के नारनौल में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। सामान्य से 18 प्रतिशत ज्यादा बारिश: मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार 1 मार्च से 31 मई के बीच हरियाणा में 52.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 44.6 मिमी होती है। इस प्रकार प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी बारिश प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर सकती है।
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