जींद। ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा ने कहा कि अगर दो दिन तक बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाने का नियम वापस नहीं लिया तो वे अपना अंगूठा काटकर मुख्यमंत्री को भेजे देंगे।
जुलाना की नई अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों की ओर से सरकार के नए नियमों के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रही। हड़ताल के चलते मंडी में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और खरीद प्रक्रिया बंद रही। धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने की। उन्होंने सरकार पर किसानों और आढ़तियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पवन लाठर ने कहा कि बिना जमीनी हकीकत को समझे नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं। (Will Send Thumb If Rules Not Changed)
इससे मंडी की व्यवस्था पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। भारत किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी धरने पर पहुंचे और कहा कि किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक है। इससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। मंडी का समय सुबह छह बजे से शाम आठ बजे तक निर्धारित करना भी गलत है। (Will Send Thumb If Rules Not Changed)
अधिकतर किसान रात के समय फसल कटवाते हैं और उसी समय मंडी पहुंचते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सरकार ने गलत नीति बनाई है। सभी किसान इसका विरोध कर रहे हैं। इससे परिवार में फूट डलेगी। जमीन किसी बुजुर्ग और लड़की के नाम है तो वह अंगूठा लगाने कैसे आएंगे। यह नियम वापस होगा।
किसान को परेशान करने के लिए निर्णय लिया है। मंडी और आढ़ती को खत्म करने के लिए नियम लागू किए गए हैं। मंडी से आढ़तियों और किसानों का काम चल रहा है लेकिन सरकार किसानों और आढ़तियों का खत्म करने पर तुली है। आढ़तियों ने इन फैसलों को तुगलकी फरमान बताते हुए सरकार से इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की। (Will Send Thumb If Rules Not Changed)
Also Read : बड़ा फैसला : हरियाणा में अब 24 घंटे खुलेंगी मंडियां
Also Read : हरियाणा में आशियाने का सपना महंगा, कलेक्टर रेट लागू
Also Read : मौसम ले रहा करवट, बरतें सावधानी
मेष: दिन शुभ रहेगा...