नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया की नजरें भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और बढ़ती आर्थिक साख पर टिकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था, कारोबार और तकनीक से जुड़े बड़े विशेषज्ञों का यह प्रतिष्ठित मंच भारत में आयोजित किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, भाषाई विविधता, मीडिया, डिजिटल तकनीक और डिजिटल पेमेंट सिस्टम की ताकत के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि भारत में तकनीक का इस्तेमाल केवल कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों को मजबूत बनाने और उनके लिए नए अवसर पैदा करने के लिए होना चाहिए।
The greatest power is the power to empower! https://t.co/zG16Kh6G4b
— Narendra Modi (@narendramodi) October 13, 2026
भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां अलग-अलग भाषाओं, विचारों और परंपराओं के लोग रहते हैं। भारत में 100 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। इसके अलावा, देश में लगभग 80 हजार रजिस्टर्ड अखबार और अन्य प्रकाशन हैं। वहीं, 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने यूट्यूब और दूसरे डिजिटल माध्यमों के बड़े उपभोक्ता आधार का जिक्र करते हुए बताया कि भारत में लोगों तक अपनी बात पहुंचाने और अलग-अलग विचारों को सामने रखने के कई माध्यम हैं।
पीएम मोदी के मुताबिक, भारत में अलग-अलग विषयों, विचारों और समुदायों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तकनीक के कारण लोगों को अपनी बात रखने, जानकारी हासिल करने और दूसरों के विचार समझने के नए अवसर मिले हैं।
डिजिटल पेमेंट सिस्टम भारत की बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशी मेहमानों से भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को समझने और इसका इस्तेमाल करके देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत में एक छोटे स्ट्रीट वेंडर से लेकर बड़े कार शोरूम तक, अलग-अलग स्तर के कारोबार करने वाले लोग डिजिटल पेमेंट की सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि छोटे दुकानदार और बड़े कारोबारी भले ही अपने कारोबार के आकार और कमाई के मामले में एक-दूसरे से अलग हों, लेकिन दोनों एक ही डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए भुगतान स्वीकार कर सकते हैं।
पहली बार भारत में आयोजित हुआ ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम हर साल दुनिया के प्रमुख विचारकों, कारोबारियों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाता है। इस मंच पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाता है। उन्होंने पहली बार भारत में इस आयोजन के होने पर ब्लूमबर्ग और उसकी पूरी टीम को बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में इस तरह के वैश्विक मंच का आयोजन होना देश की बढ़ती भूमिका और आर्थिक महत्व को दर्शाता है। इस आयोजन के जरिए दुनिया के अलग-अलग देशों से आए विशेषज्ञों को भारत की आर्थिक प्रगति, डिजिटल व्यवस्था और तकनीकी क्षमताओं को समझने का अवसर मिला।
ताकत का सही इस्तेमाल करना सबसे जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि किसी व्यक्ति, संस्था या सरकार के पास कितना ज्ञान, पैसा और ताकत है, केवल यही महत्वपूर्ण नहीं है। इससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि उस ताकत का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ताकत की असली कीमत उसके सही इस्तेमाल में है। अगर किसी व्यक्ति या संस्था के पास बड़ी क्षमता है, लेकिन उसका इस्तेमाल समाज के हित में नहीं किया जाता, तो उस ताकत का पूरा फायदा नहीं मिल पाता।
तकनीक का फायदा सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए
पीएम मोदी ने कहा कि आज के समय में तकनीक, डेटा, ज्ञान और नए आविष्कार बहुत बड़ी ताकत बन चुके हैं। इनकी मदद से समाज और अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर तकनीक का फायदा केवल कुछ चुनिंदा लोगों तक पहुंचता है, तो उसका असली उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता। तकनीक का इस्तेमाल ऐसा होना चाहिए, जिससे लाखों लोगों के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खुलें और उनकी क्षमताओं में वृद्धि हो।
सरकार का उद्देश्य लोगों को निर्भर नहीं, बल्कि मजबूत बनाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार के पास अधिकार और संसाधन होते हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल नागरिकों को सरकारी व्यवस्था पर निर्भर बनाए रखने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे नागरिक खुद अपने पैरों पर खड़े हो सकें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं और अवसर मिलें।
पीएम मोदी के मुताबिक, जब लोगों को शिक्षा, रोजगार, तकनीक और जरूरी सुविधाओं तक पहुंच मिलती है, तो वे अपनी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। सरकार की कोशिश है कि विकास का लाभ समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और आम नागरिकों को सशक्त बनाया जा सके।
पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में दावा किया कि भारत ने पिछले 10 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह संख्या दुनिया के कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक है। पीएम मोदी ने इस उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।

