Yamuna-Markanda areas raise concerns : अंबाला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलधार बारिश का असर अब हरियाणा के उत्तरी जिलों में साफ दिखाई देने लगा है। यमुना और मारकंडा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कई बरसाती नाले उफान पर हैं। करनाल, सोनीपत समेत नदी किनारे के इलाकों में जलभराव, जमीन कटाव और खेतों के डूबने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
आज हो सकती है भारी बारिश
यदि बात की जाए मौसम विभाग की तो उसके अनुसार पंचकूला और यमुनानगर में भारी बारिश हो सकती है। अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। वहीं जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में बूंदाबांदी की संभावना जताई है। दूसरी ओर सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। यमुनानगर में सबसे ज्यादा 70 मिमी बारिश: पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
जिलों में मिलीमीटर में बारिश
सबसे अधिक 70 मिलीमीटर (7 सेंटीमीटर) बारिश यमुनानगर के बिलासपुर में रिकॉर्ड की गई। प्रतापनगर, जगाधरी, छछरौली, सढौरा और चंडीगढ़ में 50-50 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं फिरोजपुर झिरका, पेहोवा और बालसमंद में 40 मिलीमीटर, जबकि कनीना, ताजेवाला और सरस्वती नगर में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मारकंडा नदी से कई गांव प्रभावित: कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ने से शाहाबाद क्षेत्र के कठवा, कलसाना, तंगोर और मोहनपुर गांव प्रभावित हुए हैं। शनिवार सुबह नदी में 14,294 क्यूसेक पानी पहुंचने के बाद कठवा गांव की मुख्य सड़क जलमग्न हो गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
हथिनीकुंड बैराज से छोड़ रहे पानी
स्कूल बसों के टायर तक पानी में डूब गए और आसपास के खेतों में भी पानी भर गया। बाद में जलस्तर घटकर 11,711 क्यूसेक रह गया। शनिवार सुबह 10 बजे हथिनी कुंड बैराज पर यमुना नदी का जलप्रवाह 33,079 क्यूसेक दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश की मांग घटने के बाद पश्चिमी यमुना नहर के जरिए हरियाणा और दिल्ली को 12,010 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया गया, जबकि 20,809 क्यूसेक अतिरिक्त पानी यमुना नदी में दिल्ली की ओर छोड़ दिया गया।
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