Noida workers protest: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नोएडा में चल रहे मजदूरों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वह हर उस मजदूर के साथ खड़े हैं जो अपने हक के लिए आवाज उठा रहा है। मजदूर इस समय न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन में उनका गुजारा करना बहुत मुश्किल हो गया है। सोमवार को यह प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। इस दौरान पत्थरबाज़ी और कुछ वाहनों में आग लगाने की घटनाएं भी सामने आईं।
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राहुल गांधी ने क्या-क्या कहा?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा कि नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वह मजदूरों की “आखिरी पुकार” है। उन्होंने बताया कि एक मजदूर की औसतन तनख्वाह लगभग 12,000 रुपये होती है, जबकि घर का किराया ही 4,000 रुपये से 7,000 रुपये तक चला जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मज़दूरों की सैलरी बहुत धीरे-धीरे बढ़ती है, जैसे साल में सिर्फ 300 रुपये, लेकिन दूसरी तरफ किराया और रोज़मर्रा के खर्च तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इस कारण मजदूर कर्ज में डूबते जा रहे हैं।
कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी – जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया।
नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 14, 2026
राहुल गांधी के अनुसार, महंगाई लगातार बढ़ रही है, खासकर गैस और ईंधन की कीमतें। इससे आम लोगों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नोएडा या भारत की समस्या नहीं है, बल्कि दुनिया भर में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
20,000 रुपये मासिक वेतन उनकी जरूरत: राहुल गांधी
उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की भी आलोचना की। उनका कहना है कि नए लेबर कानून लागू होने के बाद मजदूरों को ज्यादा घंटे काम करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी आय में उतनी बढ़ोतरी नहीं हो रही। अंत में उन्होंने कहा कि नोएडा के मजदूर 20,000 रुपये मासिक वेतन की मांग कर रहे हैं, जो कोई लालच नहीं बल्कि उनकी जरूरत है। उन्होंने दोहराया कि वह हर उस मजदूर के साथ खड़े हैं जो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है।

