नेशनल डेस्क: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि लगभग 30 लाख असली वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि TMC ने इस बार “बहुत मुश्किल चुनाव” लड़ा। उनके मुताबिक, कई सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। अभिषेक बनर्जी का कहना है कि जिन लोकतांत्रिक संस्थाओं को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए था, वे ऐसा करती नहीं दिखीं।
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। खास तौर पर वोटों की गिनती, EVM की सुरक्षा और उनकी आवाजाही को लेकर चिंता जताई गई। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर कंट्रोल यूनिट्स में गड़बड़ी और EVM से जुड़े विवाद सामने आए। उन्होंने मांग की कि काउंटिंग सेंटरों की CCTV फुटेज सार्वजनिक की जाए और VVPAT पर्चियों की पारदर्शी तरीके से गिनती कराई जाए, ताकि लोगों के मन में उठ रहे शक दूर हो सकें।
अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि चुनाव के बाद TMC कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हिंसा और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि अगर किसी के साथ हिंसा या डराने-धमकाने की घटना हुई है, तो वे सीधे उनसे संपर्क करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी हर कानूनी और लोकतांत्रिक रास्ता अपनाकर अपने समर्थकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में लोकतंत्र, संविधान और लोगों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।
इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। BJP ने 207 सीटें जीतकर राज्य में पहली बार सरकार बनाई है, जबकि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों पर जीत मिली। यह पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही TMC के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। चुनाव के बाद शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले BJP मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।