Last Updated: September 24, 2026

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‘मैं कट्टर ईमानदार हूं’, शराब घोटाले केस में बरी होने के बाद रो पड़े अरविंद केजरीवाल

February 27, 2026

‘मैं कट्टर ईमानदार हूं’, शराब घोटाले केस में बरी होने के बाद रो पड़े अरविंद केजरीवाल

नेशनल डेस्क: दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल कोर्ट के बाहर भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए।

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केजरीवाल ने क्या कहा?

पत्रकारों से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह भ्रष्ट नहीं हैं और उन्होंने हमेशा ईमानदारी की राजनीति की है। उन्होंने कहा, “मैं करप्ट नहीं हूं। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। हमने हमेशा कहा है कि सच की जीत होती है। हमें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। केजरीवाल ने कहा कि दोनों नेताओं ने मिलकर आम आदमी पार्टी को खत्म करने की “सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश” रची। उनका आरोप है कि पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल भेजकर AAP को कमजोर करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री को उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन अंत में सच की जीत हुई।

 

मनीष सिसोदिया की प्रतिक्रिया

मनीष सिसोदिया ने भी कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “सत्यमेव जयते। आज एक बार फिर मुझे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी और उनके बनाए संविधान पर गर्व है। इतनी कोशिशों के बावजूद हमें बेईमान साबित नहीं किया जा सका। आज यह साबित हो गया है कि हम ईमानदार हैं।”

कोर्ट ने क्या कहा?

राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जांच के दौरान आरोप साबित नहीं हो सके। अदालत ने कहा कि साजिश की थ्योरी न्यायिक जांच में टिक नहीं पाई। मनीष सिसोदिया के खिलाफ कोई आपराधिक इरादा (क्रिमिनल इंटेंट) साबित नहीं हुआ। एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ साजिश के आरोप पर्याप्त सबूतों के बिना नहीं ठहराए जा सकते।

मामला क्या है?

यह मामला दिल्ली की अब रद्द हो चुकी एक्साइज पॉलिसी से जुड़ा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने साल 2022 में इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में कई सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की गईं। CBI का आरोप था कि “साउथ लॉबी” नाम के एक समूह ने शराब नीति को अपने पक्ष में करवाने के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी। इस मामले में कुल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत कई अन्य नाम शामिल थे।

CBI और बचाव पक्ष की दलीलें

बहस के दौरान CBI ने कहा था कि यह आपराधिक साजिश का मामला है और ट्रायल के दौरान सबूतों की पूरी जांच होनी चाहिए। एजेंसी का कहना था कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। वहीं, केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल को कथित साजिश से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने बताया कि केजरीवाल का नाम शुरुआती चार्जशीट और पहले तीन सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नहीं था, बल्कि चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जोड़ा गया। बचाव पक्ष ने गवाहों के बयानों और आगे की जांच के आधार पर भी सवाल उठाए।

कोर्ट के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे “सच की जीत” बताया है। वहीं, इस फैसले से दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। अब आगे इस मामले में CBI क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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