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‘अगर पुलिस गोली न चलाए, तो क्या वह खुद गोली खाए?’, एनकाउंटर पर सीएम योगी का बयान

CM Yogi'

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नेशनल डेस्क: लखनऊ में यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। उनके साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 कंपनियों के साथ समझौता (MoU) किया। इन समझौतों के तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं पर रिसर्च की जाएगी।

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अगर पुलिस गोली न चलाए, तो क्या वह खुद गोली खाए?

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और पुलिस एनकाउंटर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कई बार लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई। इस पर सीएम योगी ने कहा, “हमने भी पुलिस को पिस्तौल दी है। अगर पुलिस गोली न चलाए, तो क्या वह खुद गोली खाए?”

गलत काम करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा

उन्होंने साफ कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। अगर कोई अपना व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उस पर भी वही कानून लागू होगा, जो माफिया और अपराधियों पर होता है। सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है, गलत काम करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में लोगों के मन में डर और असुरक्षा थी। अराजकता का माहौल था और कानून व्यवस्था पर भरोसा नहीं था। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब प्रदेश में कानून का राज है और अपराधियों को डर है।

50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। राज्य में बेरोजगारी दर सबसे कम स्तर पर है। सरकार के पास पर्याप्त लैंड बैंक मौजूद है, जिससे नए उद्योग लगाने में आसानी हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ललितपुर में प्रदेश का पहला फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण हो चुका है और विकास कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में सेंटर स्तर की आधुनिक लैबोरेट्री भी पहले से मौजूद है।

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सीएम योगी ने कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें राज्य की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद उन्होंने तय किया कि कानून व्यवस्था में कोई समझौता नहीं होगा। कार्रवाई हमेशा कानून के दायरे में रहकर की जाएगी, लेकिन जब कोई अपराधी कानून से डरना बंद कर दे, तो उसे उसी की भाषा में कानून समझाना मजबूरी बन जाती है।

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