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‘मैं एक पड़ाव पर रुककर जश्न मनाने वाला नहीं, उससे भी बड़े…’, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में बोले पीएम मोदी

Im not going to stop at one point and celebrate PM Modi

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मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (डीएफएफ) 2026’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि आज यहां एक और हैट्रिक लगी है। एक हैट्रिक तो 2024 में तीसरी बार सरकार बनने से लगी थी और ये हैट्रिक आप सभी के बीच आने से जुड़ी है।

उन्होंने कहा कि यह ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में लगातार मेरा थर्ड ईयर है। ये हैट्रिक बताती है कि विकसित भारत के लिए आप कितने महत्वपूर्ण हैं, आपका काम कितना महत्वपूर्ण है। मैं जब भी यहां आता हूं तो पहले से ज्यादा हमें युवा दिखाई देते हैं, पहले से ज्यादा एनर्जी अनुभव होती है। इसलिए विकसित भारत के फ्यूचर को लेकर मेरा विश्वास और मजबूत हो रहा है।

‘बढ़ते भरोसे का एक उदाहरण हमारी सॉवरेन रेटिंग’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया अभी टकराव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। एनर्जी और कमोडिटी सप्लाई चेन पर दबाव है। यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई है और अप्रैल से जून की तिमाही तो खास तौर पर चुनौतीपूर्ण रही है। ऐसे समय में, जब भारत 7.8 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है, तो दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। यही भरोसा यहां मौजूद लोगों के चेहरों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत पर बढ़ते भरोसे का एक उदाहरण हमारी सॉवरेन रेटिंग है। हाल ही में, जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को ‘ए’ कैटेगरी में अपग्रेड किया है। बहुत कम लोग जानते हैं कि यह सुखद समय तीन दशकों के लंबे अंतराल के बाद आया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के हालात क्या हैं, आप सभी भलीभांति जानते हैं। दुनिया टकराव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। इसमें भी अप्रैल से जून का तिमाही सबसे चुनौतीपूर्ण रही है। और इसमें भी जब भारत 7.8 प्रतिशत से ग्रो करता है… तो दुनिया को एक नया भरोसा मिलता है।

भारत की फिनटेक स्टोरी बहुत अद्भुत रही है और इसका एक बहुत बड़ा चैंपियन है, हमारा यूपीआई। मैंने पिछले साल भी इसकी चर्चा की थी। ये इतनी बड़ी ट्रांसफॉर्मेशन है कि जब भी फिनेटक की चर्चा होगी तो, वो यूपीआई के बिना अधूरी ही होगी। हाल ही में, 25 अगस्त को यूपीआई ने 10 साल पूरे किए। जब ​​मैं कहता था कि आपका बैंक आपकी उंगलियों पर होगा, तो कुछ लोगों को यह असंभव लगता था, और मैं उन लोगों की बात कर रहा हूं, जो काफी जानकार थे।

‘UPI की सफलता सिर्फ पहला कदम’

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा यूपीआई कई देशों तक पहुंच चुका है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है। हमारा अगला लक्ष्य उनके पेमेंट सिस्टम से जुड़ना होना चाहिए। हमने सिंगापुर के साथ ऐसा किया है और नतीजतन, भारत और सिंगापुर के बीच लेन-देन वैसे ही हो रहा है जैसे किसी शहर की दो सड़कों के बीच होता है। हमें दूसरे देशों और बाजारों के साथ भी ऐसा ही कनेक्शन बनाना होगा। पॉलिसी और गवर्नेंस से जुड़े इकोसिस्टम में मुझे अब 25 वर्ष पूरे होने वाले हैं। और जिन्होंने भी मुझे इन वर्षों में देखा है, वो जानते हैं कि मोदी एक पड़ाव पर पहुंचकर, जश्न मनाकर संतुष्ट होने वालों में से नहीं है। जब एक लक्ष्य प्राप्त होता है तो मैं उससे से बड़े लक्ष्य की तैयारी में जुट जाता हूं। आज हमारा यूपीआई कई देशों में पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी समावेशन का एक बेहद प्रभावी साधन है, और यूपीआई ने इसे साबित कर दिया है। जब हम वित्तीय प्रौद्योगिकी की बात करते हैं, तो इसकी अनूठी विशेषता यह होनी चाहिए कि यह उन क्षेत्रों तक पहुंच सकती है जहां पारंपरिक मॉडल नहीं पहुंच पाते। एजेंट एआई… टोकनाइजेशन… क्वांटम… ऐसी टेक्नोलॉजीज वित्तीय क्षेत्र में नई कंपनी के द्वार खोल रही हैं। अब हमारी सामने चुनौती है कि इन स्टैमिना का वास्तविक प्रभाव कितना छोटा है? इसके लिए मैं चाहता हूं कि हमारी फिनटेक सुपरस्टार मिलकर कुछ कार्य अपने लिए सेट करें…पहला, हमें भारत में साइबर सुरक्षा को शीर्ष पायदान पर बनाना है। दूसरा, हमारी इंडस्ट्री के पास अपने नैतिक डेटा सुरक्षा मानक होने चाहिए। तीसरा, हमें एक मजबूत… फिनटेक रेगुलेटर इंडस्ट्री इनोवेशन इकोसिस्टम बनाना है। चौथा, हमारे पास एक… फिनटेक उपभोक्ता संरक्षण सूचकांक होना चाहिए।

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