नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में हुए भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि यह समझौता अमेरिकी दबाव में किया गया है और इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा।
केरल के पेरवूर में एक किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री “दबाव में आ गए” और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “धमकी” के कारण इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने दावा किया कि इस डील के तहत अमेरिकी किसानों को भारत में सोयाबीन, मक्का और फल जैसी फसलें बेचने की अनुमति दी जाएगी, जिससे भारतीय कृषि क्षेत्र की नींव कमजोर हो जाएगी।
राहुल गांधी ने कहा, “कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री इसकी इजाज़त नहीं देता। यह उस मजबूत नींव को खत्म करने वाला कदम है जिसे हमने सालों में बनाया है।” उनका कहना है कि पिछले चार महीनों से भारत-अमेरिका ट्रेड डील अटकी हुई थी और इसका मुख्य कारण खेती का मुद्दा था। उनके मुताबिक, भारत सरकार अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय कृषि क्षेत्र को खोलना नहीं चाहती थी, लेकिन अंत में दबाव में समझौता किया गया।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ने उन्हें बोलने से रोका। उन्होंने कहा कि वे दो मुद्दों पर बात करना चाहते थे, “एपस्टीन फाइल्स” से जुड़ा मामला और अमेरिका में अडानी समूह से जुड़ा केस।
राहुल गांधी ने अडानी ग्रुप को “साधारण कंपनी नहीं” बताया। उनका आरोप है कि अडानी समूह भाजपा और प्रधानमंत्री का “फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर” है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अमेरिकी पक्ष की बात नहीं मानती, तो भाजपा के वित्तीय ढांचे से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।
राहुल गांधी के आरोपों पर सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पलटवार करते हुए कहा कि “गांधी परिवार खुद एक पूरी तरह समझौता करने वाला राजनीतिक परिवार है” और कांग्रेस पार्टी का इतिहास भ्रष्टाचार से भरा हुआ है। गोयल ने कहा, “राहुल गांधी का मतलब ही समझौता है। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है।” उन्होंने राहुल गांधी को “नेगेटिव पॉलिटिक्स का पोस्टर बॉय” भी बताया।
राहुल गांधी का आरोप है कि भारत-US अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट किसानों के खिलाफ है।उनका दावा है कि प्रधानमंत्री अमेरिकी दबाव में आए। उन्होंने संसद में बोलने से रोके जाने और अडानी समूह से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस और गांधी परिवार पर भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय हितों से समझौते का आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।
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