नई दिल्ली: AI इम्पैक्ट समिट को लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि “खुद को विश्वगुरु बताने वाले लोग दुनिया को एक्रोनिम्स के जरिए ज्ञान देने में बिजी हैं।”
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जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए यह टिप्पणी की। उनका यह बयान उस समय आया जब वॉशिंगटन DC में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति की मुलाकात हुई। रमेश ने कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर कोई सजा या दबाव नहीं झेलना पड़ा। रमेश के मुताबिक, यह मोदी सरकार की विदेश नीति पर एक “निराशाजनक टिप्पणी” है, जिसे किसी भी तरह की सफाई से बदला नहीं जा सकता।
The romance between the USA and Pakistan continues unabated. It was on display yet again in Washington DC yesterday. That Pakistan has paid no price whatsoever on the world stage for orchestrating the Pahalgam terror attack on April 22, 2025 is a depressing commentary on the Modi…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) February 20, 2026
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे घटनाक्रम हो रहे थे, तब प्रधानमंत्री वैश्विक मंच पर नारों और एक्रोनिम्स के जरिए अपनी छवि पेश करने में व्यस्त थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट लीडर्स को सार्वजनिक रूप से समर्थन दिखाने के लिए आगे लाया जा रहा है।
वहीं, इंडिया AI इम्पैक्ट समिट को ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला बड़ा AI सम्मेलन बताया जा रहा है। इस समिट का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसका फोकस “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” और “AI फॉर ह्यूमैनिटी” जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। इस मंच के जरिए AI गवर्नेंस, सुरक्षा और समाज पर इसके प्रभाव को लेकर वैश्विक सहयोग बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
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इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक कार्यक्रम में दावा किया कि 2024 में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान उन्होंने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला था। उन्होंने कहा कि उन्होंने 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद दोनों देशों ने संघर्ष रोक दिया। हालांकि, भारत पहले ही साफ कर चुका है कि वह किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता।
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि संघर्ष के दौरान गिराए गए लड़ाकू विमानों की संख्या पहले बताई गई संख्या से ज्यादा थी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत की थी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच AI इम्पैक्ट समिट और विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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