नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि एक तरफ उनकी सरकार विकसित भारत की नींव रख रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे नारे लगवा रही है। उन्होंने सवाल किया कि जो लोग “मोहब्बत की दुकान” खोलने की बात करते हैं, वे किसी नागरिक की कब्र खोदने की बातें कैसे कर सकते हैं। PM मोदी ने इसे नफरत से भरा और संविधान का अपमान बताया।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ऐसे नारों के जरिए अपनी मानसिकता दिखा रही है। उन्होंने कहा कि ये नारे किसी राजनीतिक विरोध का नहीं, बल्कि उनके भीतर भरी नफरत का प्रतिबिंब हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसके बाद भी ये लोग कहेंगे कि प्रधानमंत्री संसद में रो रहा था। PM मोदी ने कहा कि 2002 से लेकर 2014 और फिर पिछले 25 सालों में संसद का शायद ही कोई सत्र गया हो, जिसमें उन्हें गालियां न दी गई हों। उन्होंने हल्के अंदाज़ में कहा कि जब उनसे उनके अच्छे स्वास्थ्य का राज पूछा गया था, तो उन्होंने जवाब दिया था, “मैं रोज दो किलो गालियां खाता हूं।”
आखिर कांग्रेस मोदी की कब्र क्यों खोदना चाहती: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस मोदी की कब्र क्यों खोदना चाहती है। उन्होंने कहा कि क्योंकि हमने धारा 370 की दीवार गिरा दी, नॉर्थ ईस्ट में बम और हिंसा की जगह विकास की राह खोली, आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर जवाब दिया, माओवादी हिंसा के खिलाफ सख्त कदम उठाए, शायद इसलिए उन्हें यह सब बुरा लगता है। उन्होंने कहा कि नेहरू काल में देश के साथ जो बड़ा अन्याय हुआ था, उसे भी हमने खत्म किया, क्या इसलिए ऐसे नारे लगाए जा रहे हैं।
संसद में हुए हंगामे को लेकर भी विपक्ष को घेरा
इसके बाद प्रधानमंत्री ने संसद में हुए हंगामे को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाना संविधान का अपमान है और आदिवासी परिवार से आने वाली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का भी अपमान है। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों को “संविधान” शब्द बोलने का अधिकार नहीं है।
PM मोदी ने बताया कि लोकसभा में चेयर पर बैठे सांसदों पर कागज फेंके गए। जब एक बार ऐसा हुआ, तब चेयर पर असम के सांसद थे और दूसरी बार आंध्र प्रदेश के दलित सांसद। उन्होंने पूछा कि क्या यह असम और दलित समाज का अपमान नहीं है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर क्षेत्रीय और सामाजिक अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि जब असम के महान कलाकार भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया गया, तब भी कांग्रेस ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह असम और पूरे देश के कला प्रेमियों का अपमान था, जिसे असम कभी नहीं भूलेगा।
सांसद को ‘गद्दार’ कहे जाने पर क्या बोले प्रधानमंत्री
PM मोदी ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता द्वारा एक सांसद को “गद्दार” कहे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि वह सांसद सिख समुदाय से हैं और देश के लिए बलिदान देने वाले परिवार से आते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ सिख होने की वजह से किसी को गद्दार कहना, सिखों और उनके गुरुओं का अपमान है और इससे कांग्रेस की सोच साफ झलकती है।
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सदानंद मास्टर का दिया उदाहरण
प्रधानमंत्री ने सदानंद मास्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीतिक द्वेष के कारण उनके दोनों पैर काट दिए गए, लेकिन फिर भी उनकी वाणी में कोई कड़वाहट नहीं है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने कटे हुए पैर सदन में रखे, तो वह दृश्य बेहद पीड़ादायक था। PM मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों से ही राजनीति में सेवा, संघर्ष और त्याग की प्रेरणा मिलती है। अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक राजनीति की जरूरत है, न कि नफरत और अपमान की भाषा की।

