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‘मुझे दोष मत दो, अधिकारियों के ट्रांसफर से बिगड़ी स्थिति’, रघुनाथगंज हिंसा पर ममता बनर्जी का बयान

Counting being deliberately slowed down Mamata Banerjee

Counting being deliberately slowed down Mamata Banerjee

नेशनल डेस्क: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को रघुनाथगंज में राम नवमी के दौरान हुई हिंसा को लेकर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए उन्हें जिम्मेदार न ठहराया जाए, क्योंकि चुनाव से पहले उनके अधिकार कम कर दिए गए हैं और कई पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है।

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‘रघुनाथगंज में जानबूझकर दंगे भड़काए’

पश्चिम बर्धमान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा अधिकारियों के ट्रांसफर के बाद बाहर से आए कुछ लोगों ने माहौल खराब किया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि रघुनाथगंज में जानबूझकर दंगे भड़काए गए। उन्होंने कहा कि, “मुझे दोष मत दो। मेरे पास अब पहले जैसे अधिकार नहीं हैं। कई अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है। यहां बाहर से लोग लाए गए हैं। रघुनाथगंज में जो हिंसा हुई, वह साजिश के तहत कराई गई है। दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की गई, जो बिल्कुल गलत है। दोषियों को इसका जवाब देना होगा।”

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सभी धर्मों और जातियों के लोगों के साथ मिलकर त्योहार मनाती है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकर्ता राम नवमी, दुर्गा पूजा, काली पूजा, छठ पूजा, क्रिसमस और ईद जैसे सभी त्योहार साथ में मनाते हैं। दरअसल, मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज में राम नवमी के जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच तीन अलग-अलग जगहों पर झड़प हो गई। यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ गया और हिंसा में बदल गया। इस दौरान दुकानों में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिसमें कई लोग घायल भी हो गए।

CCTV मदद से दोषियों की पहचान कर रही

घटना के बाद पुलिस और केंद्रीय बलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। इलाके के DIG अजीत सिंह यादव ने बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं और ट्रैफिक भी सामान्य हो गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस CCTV फुटेज की मदद से दोषियों की पहचान कर रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी जारी है, ताकि दोषियों को जल्द पकड़ा जा सके। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने वाले हैं, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।

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