UP Politics News: उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में सपा के अंदर बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। राजभर लगातार सोशल मीडिया के जरिए समाजवादी पार्टी पर निशाना साध रहे हैं और पार्टी के कई सांसदों के नाराज होने का दावा कर रहे हैं।
“बागी बलिया का लाल” करेगा बागी सांसदों का नेतृत्व
गुरुवार सुबह ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि लोग उनसे लगातार पूछ रहे हैं कि सपा में किस तरह की टूट होने वाली है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के बागी सांसदों के समूह का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की “बागी भूमि” यानी बलिया का एक नेता करेगा।
राजभर ने कहा कि सपा कार्यालय में हुए हालिया सम्मेलन के दौरान ब्राह्मण समाज की उपेक्षा की गई, जिससे बलिया का वह नेता काफी नाराज और आहत है। उनका दावा है कि यह घटना पहले से चल रही नाराजगी को और बढ़ाने का काम कर रही है।
कल से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है?
तो सुनो!
सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की ‘बागी भूमि’ का एक लाल करेगा।
और करे भी क्यों न?
कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे ‘बागी बलिया’ का लाल…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 18, 2026
अखिलेश यादव को दी सांसद बचाने की सलाह
ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी एक प्रतिक्रिया के बाद सपा के कई नेता और पूरा सैफई परिवार सफाई देने में लग गया।
राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस की राजनीति छोड़कर “सांसद बचाओ अभियान” शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश को नाराज और निराश सांसदों के घर जाकर उनसे बातचीत करनी चाहिए और उनकी शिकायतें दूर करनी चाहिए।
क्या सनातन पांडे की ओर है इशारा?
राजभर ने अपने पोस्ट में किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि उनका इशारा बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे की ओर है।राजभर का दावा है कि ब्राह्मण समाज की कथित उपेक्षा के कारण सनातन पांडे पार्टी नेतृत्व से नाराज हो सकते हैं और आगे चलकर बगावती रुख अपना सकते हैं।
एक दिन पहले भी किया था बड़ा दावा
इससे पहले बुधवार को भी ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि सपा में जल्द बड़ी टूट होगी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। राजभर ने यह भी कहा कि खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले को लेकर जांच का दबाव बढ़ रहा है, जिसके कारण समाजवादी पार्टी परेशान दिखाई दे रही है।
राजभर ने यहां तक दावा कर दिया कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की राजनीति की चर्चा छोड़ दी जाए, तो पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार बैठी है।
सीटों को लेकर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि कुछ लोग भाजपा गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने इस आधार पर पहले से पैसा लिया है, अब वही लोग उन्हें ढूंढ रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
ओम प्रकाश राजभर के लगातार बयानों और समाजवादी पार्टी की ओर से आए जवाब के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि अभी तक सपा के किसी सांसद ने खुलकर पार्टी छोड़ने या बगावत करने की बात नहीं कही है, लेकिन राजभर के दावों ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि उनके दावों में कितनी सच्चाई है और समाजवादी पार्टी के अंदर वास्तव में कोई असंतोष है या नहीं।
अखिलेश यादव ने दिया जवाब
ओम प्रकाश राजभर के दावों पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग डर जाएंगे, वे पार्टी छोड़ सकते हैं, लेकिन भाजपा से मुकाबला करने के लिए बहादुर लोगों की टीम की जरूरत होती है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भविष्यवाणी करने वालों को पहले अपनी पार्टी का भविष्य देखना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा उनके सहयोगियों को 75 सीटें दे रही है, 50 सीटें दे रही है या सिर्फ आश्वासन दे रही है।
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