नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने मतभेद भुलाकर महिला आरक्षण से जुड़े ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लोकसभा में वोटिंग का समय नज़दीक आ रहा है, देश की लाखों महिलाओं की नजरें संसद और नेताओं के फैसलों पर टिकी हुई हैं।
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पीएम मोदी ने बताया कि इस बिल पर संसद में लंबी बहस हो चुकी है, जो देर रात तक चली। इस दौरान सांसदों की सभी शंकाओं, गलतफहमियों और जानकारी की कमी को दूर कर दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हर मुद्दे पर तर्कसंगत जवाब दिए गए हैं और अब कोई ऐसी बात नहीं बची है जिससे विरोध की स्थिति बने।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का मुद्दा पिछले कई दशकों से अटका हुआ है और अब इसे और टालना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में पर्याप्त भागीदारी मिलनी चाहिए, जो अभी काफी कम है।
लोकसभा में संविधान (एक सौ इकतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा और वोटिंग हो रही है। इस बिल के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा साथ ही केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 के जरिए यह आरक्षण दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा परिसीमन विधेयक पर भी चर्चा चल रही है, जिससे लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है।
पीएम मोदी ने सभी सांसदों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ फैसला लें और महिलाओं के हक में वोट करें। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे देश की महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचे, क्योंकि पूरे देश की महिलाएं इस फैसले की ओर उम्मीद से देख रही हैं। कुल मिलाकर, अब सबकी नजर लोकसभा में होने वाली वोटिंग पर है, जो तय करेगी कि महिलाओं को राजनीति में कितना बड़ा प्रतिनिधित्व मिलेगा।
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