हैदराबाद: असदुद्दीन ओवैसी ने वाराणसी में गंगा नदी पर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इन युवकों का “जुर्म सिर्फ इतना है कि वे मुसलमान हैं।”
यह भी पढ़ें:
LPG को लेकर घबराने की जरूरत नहीं: सरकार बोली- पर्याप्त स्टॉक, अफवाहों से रहें दूर
‘युवाओं को 1500 रुपए, महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना’, ममता बनर्जी ने जारी किया घोषणा पत्र
खाड़ी देशों में घटनाओं के बीच 6 भारतीयों की मौत, 1 लापता; 3 लाख लोग सुरक्षित लौटे भारत
क्या है पूरा मामला?
रमजान के महीने में कुछ युवक गंगा नदी के बीच नाव पर बैठकर इफ्तार कर रहे थे। उन्होंने वहां बिरयानी खाई और खाने के बाद बची हड्डियां नदी में फेंक दीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
इस मामले में पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। शिकायत भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता रजत जायसवाल द्वारा दर्ज कराई गई थी। आरोपियों पर कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जैसे धार्मिक भावनाएं आहत करना, समाज में नफरत फैलाना, सार्वजनिक उपद्रव, नदी को प्रदूषित करना साथ ही जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 के तहत भी कार्रवाई हुई है।
ओवैसी ने क्या कहा?
ओवैसी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, ”अगर कोई नाव पर खाना खा रहा है तो इससे किसकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं? गंगा में गंदगी और सीवरेज पर कोई सवाल क्यों नहीं उठाता? रमजान में शराब की दुकानें खुली रहती हैं, क्या इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होतीं? उन्होंने कहा कि युवकों को बेवजह निशाना बनाया गया है।”
शिकायत करने वालों का पक्ष
शिकायतकर्ता का कहना है कि गंगा हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। नदी में मांसाहारी भोजन करना और उसके अवशेष फेंकना गलत है। इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। वही, पुलिस के अनुसार वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। सभी 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है

