नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई है, जो पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं।
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संसद में बोलने पर भी लगी रोक
AAP ने इस फैसले की जानकारी राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर दी है। साथ ही पार्टी ने यह भी कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय न दिया जाए। इस फैसले के बाद पार्टी के अंदर मतभेद की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। काफी समय से ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि राघव चड्ढा और पार्टी के बीच कुछ दूरी बन रही है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक किसी भी तरह के विवाद या अलगाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राघव चड्ढा को पद से हटाया जाना पार्टी के भीतर एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। खास बात यह है कि हाल ही में आबकारी नीति मामले में पार्टी के बड़े नेताओं को राहत मिली थी, लेकिन इसके बाद न तो चड्ढा की मुलाकात अरविंद केजरीवाल से हुई और न ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया दी। उनकी इस चुप्पी को भी राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
‘राघव चड्ढा शुरू से ही AAP से जुड़े रहे’
राघव चड्ढा शुरू से ही आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2012 में अरविंद केजरीवाल के साथ दिल्ली लोकपाल बिल पर काम करते हुए राजनीति में कदम रखा। इसके बाद पार्टी में उनका कद तेजी से बढ़ा, वे राष्ट्रीय प्रवक्ता बने और 2015 के दिल्ली चुनावों के बाद सबसे कम उम्र के कोषाध्यक्ष बने। उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव दक्षिण दिल्ली से लड़ा, लेकिन रमेश बिधूड़ी से हार गए। इसके बाद 2020 में उन्होंने राजेंद्र नगर सीट से दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की।

