
नेशनल डेस्क: नई दिल्ली के भारत मंडयम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि यह विरोध प्रदर्शन भारत की ग्लोबल इमेज खराब करने और देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश थी, खासकर तब जब भारत दुनिया के सामने अपनी टेक्नोलॉजिकल क्षमता दिखा रहा है।
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शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने AI समिट में हंगामा कर देश की छवि को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल करते हुए पूछा कि क्या राजनीति देश की इज्जत से बड़ी हो गई है।उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार “एंटी-इंडिया” मानसिकता को दर्शाता है और जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष और शीर्ष नेतृत्व पर भी सवाल उठाए।
जब पूरा विश्व भारत को नई दिल्ली में मौजूद भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करते हुए देख रहा था और तकनीक व नवाचार के क्षेत्र में हमारे बढ़ते वैश्विक नेतृत्व का साक्षी बन रहा था, उस समय कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) February 20, 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जब पूरी दुनिया भारत को AI समिट की मेजबानी करते देख रही थी, तब कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान डाला।उन्होंने यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को “शर्मनाक” बताया और कहा कि इस तरह की हरकतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अक्सर राजनीतिक हितों को राष्ट्रीय गौरव से ऊपर रखती है।
वहीं, इंडियन यूथ कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा कि उनका विरोध “देश की पहचान से समझौता करने वाले प्रधानमंत्री” के खिलाफ था। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने भी AI समिट को लेकर सरकार की आलोचना की और इसे “अव्यवस्थित PR तमाशा” बताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी समिट में कथित अव्यवस्था और खराब प्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो कार्यक्रम भारत की डिजिटल और AI क्षमता दिखाने का मंच हो सकता था, वह कुप्रबंधन का शिकार हो गया।
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विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। AI समिट में हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। एक ओर सरकार इसे भारत की वैश्विक छवि से जोड़कर देख रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बता रही है।