नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सांसदों पर आरोप लगाया कि वे वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के मुद्दे पर विरोध करके संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं।
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BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष एक नए प्रस्ताव के जरिए संसद को “बंधक” बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब 9 मार्च को सदन की बैठक होगी तो इस मुद्दे पर पूरी चर्चा की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लगातार नए प्रस्ताव और मुद्दे उठाकर संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर रहे हैं। उनका कहना था कि पूरा देश देख रहा है कि विपक्ष किस तरह सदन को चलने नहीं दे रहा है।
वहीं BJP के वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा के लिए दो दिन का समय दिया गया है और सरकार विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देगी। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संसद की परंपराओं और स्पीकर के पद के सम्मान का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी कमजोर हो रही है और विपक्ष को राहुल गांधी के पीछे चलना बंद करना चाहिए। इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री के बयान के दौरान प्लेकार्ड दिखाना सही नहीं है। गिरिराज सिंह ने कहा कि इस तरह का व्यवहार सदन की गरिमा के खिलाफ है और इससे लगता है कि विपक्ष को जवाब नहीं चाहिए, बल्कि सिर्फ हंगामा करना है
दरअसल, इससे पहले INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल थे। सांसदों ने एक बैनर पकड़ा हुआ था, जिस पर लिखा था कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है, तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है और वहां भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, इसलिए भारत को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है।
यह विरोध उस समय हुआ जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में वेस्ट एशिया के हालात पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं और सरकार के सभी मंत्रालय मिलकर स्थिति पर काम कर रहे हैं। जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत सरकार ने 20 फरवरी को ही बयान जारी कर सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की थी।
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इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर छोटी चर्चा की मांग की थी। उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा, देश की छवि और आर्थिक स्थिरता पर भी पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों पर भी असर पड़ सकता है।
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