नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए वोटिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की हो रही है। शिवसेना और एनसीपी में टूट के बाद यह पहला बड़ा नगर निकाय चुनाव है, इसलिए सभी की नजरें BMC के नतीजों पर टिकी हैं।
बीएमसी चुनाव के नतीजे 16 जनवरी को आएंगे, लेकिन उससे पहले आए एग्जिट पोल ने तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन पीछे नजर आ रहा है।
DV Research Exit Poll के आंकड़े
DV रिसर्च के एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति को 107 से 122 सीटें मिल सकती हैं। ठाकरे ब्रदर्स का गठबंधन (शिवसेना UBT + MNS) को 68 से 83 सीटें। कांग्रेस + वंचित बहुजन अघाड़ी को 18 से 25 सीटें, NCP (अजित पवार गुट) को 2 से 4 सीटें अन्य के खाते में 8 से 15 सीटें।
DV Research में वोट शेयर
महायुति: 41% वोट
ठाकरे गठबंधन: 33% वोट
कांग्रेस + VBA: 13% वोट
NCP अजित पवार: 3% वोट
अन्य: 10% वोट
Axis My India Exit Poll
एक्सिस माई इंडिया के अनुसार, बीजेपी गठबंधन को 44% महिलाओं और 40% पुरुषों का समर्थन। ठाकरे गठबंधन को 31% महिलाओं और 33% पुरुषों का वोट। कांग्रेस और सहयोगियों को 13% महिला और 13% पुरुष वोट अन्य को 12% महिला और 14% पुरुष वोट।
सीटों का अनुमान (Axis My India)
BJP+: 131 से 151 सीटें
शिवसेना (UBT)+: 58 से 68 सीटें
कांग्रेस+: 12 से 16 सीटें
अन्य: 6 से 12 सीटें
JVC Exit Poll के नतीजे
वोट शेयर
महायुति: 42-45%
ठाकरे ब्रदर्स + शरद पवार गुट: 34-37%
कांग्रेस + VBA: 13-15%
अन्य: 6-8%
सीटों का अनुमान
BJP गठबंधन: 138 सीटें
उद्धव ठाकरे गठबंधन: 59 सीटें
कांग्रेस गठबंधन: 23 सीटें
अन्य: 7 सीटें
किसने कितनी सीटों पर लड़ा चुनाव?
मुंबई में कुल 227 वार्ड हैं। बीजेपी 137 सीटें और एकनाथ शिंदे की शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वही, NCP (अजित पवार) 94 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। शिवसेना (UBT) 163 तथा MNS ने 52 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इसके अलावा, कांग्रेस के 143 उम्मीदवार और VBA के 46 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे हैं।
बताते चलें कि, लगभग सभी एग्जिट पोल्स में बीजेपी-शिंदे गठबंधन को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है और बहुमत के करीब या बहुमत पार करने का अनुमान है। वहीं ठाकरे ब्रदर्स का गठबंधन मजबूत तो दिख रहा है, लेकिन सरकार बनाने के लिए सीटें कम पड़ सकती हैं। अब सबकी नजर 16 जनवरी के अंतिम नतीजों पर टिकी है।

