Site icon Dainik Savera Times

‘पूर्व आर्मी चीफ की बात से सरकार क्यों डर रही?’ लोकसभा में हंगामे के बीच राहुल गांधी का हमला

Why government afraid what former Army Chief said?

Why government afraid what former Army Chief said?

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को संसद में सरकार पर तीखा हमला बोला। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान जब राहुल गांधी ने बोलना शुरू किया, तो उनकी शुरुआती टिप्पणियों पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।

राहुल गांधी पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर एक मैगज़ीन रिपोर्ट का जिक्र करना चाहते थे। इस रिपोर्ट में पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक अप्रकाशित किताब (मेमॉयर) का हवाला दिया गया था। लेकिन स्पीकर ने अप्रकाशित किताब और लेख का ज़िक्र करने से रोक दिया।

यह भी पढ़ें: SIR को लेकर EC पर ममता बनर्जी के गंभीर आरोप, बोलीं- बीजेपी की IT सेल जैसा काम कर रहा चुनाव आयोग

“सरकार डर रही है” – राहुल गांधी

संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार डर रही है, क्योंकि अगर पूर्व आर्मी चीफ का नजरिया सामने आ गया, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की भूमिका पर सवाल उठेंगे। राहुल गांधी ने कहा, “यह मैं नहीं कह रहा हूं। यह वही है जो पूर्व आर्मी चीफ ने अपनी किताब में लिखा है। लेकिन उस किताब को पब्लिश नहीं होने दिया जा रहा। सवाल यह है कि सरकार पूर्व आर्मी चीफ की बात से इतनी डरी हुई क्यों है?” उन्होंने आगे कहा कि अगर सच्चाई सामने आई, तो देश को यह भी पता चलेगा कि चीन के सामने खड़े होने के वक्त सरकार ने क्या फैसले लिए और राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को कैसे निराश किया।

“मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा, “मुझे बस 2-3 लाइनें बोलनी हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। ये पूर्व सेना प्रमुख के शब्द हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री से हुई बातचीत के बारे में लिखा है। मैं वही बात सदन में रखना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि देश के नेता को फैसलों से भागना नहीं चाहिए और जिम्मेदारी दूसरों पर नहीं डालनी चाहिए।

लोकसभा में बार-बार स्थगन

राहुल गांधी की टिप्पणियों पर बीजेपी सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई। हंगामे के चलते लोकसभा को पहले दोपहर 3 बजे तक, फिर 4 बजे तक और अंत में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने साफ कहा कि सदन के नियमों के तहत अप्रकाशित किताब या लेख का ज़िक्र नहीं किया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे बिना उस संदर्भ के अपना भाषण जारी रखें।

यह भी पढ़ें: लाल, नीली, हरी और काली लाइन का मतलब जानते हैं आप? दवा लेने से पहले पढ़ लें

बीजेपी का पलटवार

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सशस्त्र बलों का मनोबल गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बार-बार सदन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और स्पीकर के फैसले को चुनौती दे रहे हैं। किरण रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी एक ऐसी किताब से कोट कर रहे थे, जिसकी न तो पुष्टि हुई है और न ही वह प्रकाशित हुई है। क्या कोई व्यक्ति संसद और नियमों से ऊपर है? राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने कांग्रेस पर चीन के मुद्दे को लेकर पुराने पापों का आरोप भी लगाया और कहा कि राहुल गांधी को इस विषय पर बोलने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।

चीन सीमा विवाद और पूर्व आर्मी चीफ की कथित किताब के ज़िक्र को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। भारी हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही पूरे दिन नहीं चल सकी और मामला राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया।

Exit mobile version