
मोगा: उम्र महज 10 वर्ष, लेकिन पर्यावरण संरक्षण को लेकर सोच किसी बड़े सामाजिक कार्यकर्ता से कम नहीं। मोगा का पर्व बंसल इतनी छोटी उम्र में हरियाली का संदेश घर-घर पहुंचाकर समाज के लिए प्रेरणा बन रहा है। पिछले करीब छह वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय पर्व अब तक करीब 50 हजार पौधे मुफ्त वितरित कर चुका है। उसका प्रयास है कि हर परिवार कम से कम एक पौधा लगाए और उसे पेड़ बनने तक संभालने की जिम्मेदारी भी निभाए।

पर्व बंसल हर किसी के जन्मदिन को महंगे उपहारों या किसी अन्य तरीके से मनाने की बजाय हरियाली के त्योहार के रूप में मनाने का प्रयास करता है। जन्मदिन के अवसर पर लोगों को पौधे वितरित कर वह उन्हें इन्हें लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करता है। इसके अलावा शादी की सालगिरह, धार्मिक कार्यक्रम, सामाजिक समारोह और अन्य खुशी के अवसरों पर भी पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।

फूलों के गुलदस्ते की जगह पौधा देकर करता है सम्मान
पर्व की पहल का एक खास अंदाज यह भी है कि नए पदभार संभालने वाले अधिकारियों, समाजसेवियों और विशेष मेहमानों को पारंपरिक फूलों का गुलदस्ता देने की बजाय पौधा भेंट कर सम्मानित किया जाता है। पर्व का मानना है कि फूलों का गुलदस्ता कुछ समय बाद मुरझा जाता है, जबकि एक पौधा वर्षों तक बढ़ता है और पर्यावरण को ऑक्सीजन,हरियाली तथा अनेक प्रकार के लाभ देता है।

घर की छत को बनाया हराभरा बगीचा
पर्व केवल लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश ही नहीं देता, बल्कि खुद भी इसे अपने जीवन में उतार रहा है। उसने अपने घर की छत को ही हरे-भरे बगीचे में बदल दिया है। छत पर बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए हैं, जिन्हें देखकर वहां आने वाले लोग भी पौधारोपण और प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित होते हैं।

पौधारोपण के साथ पानी और प्लास्टिक बचाने का संदेश
पर्व की मुहिम केवल पौधे बांटने तक सीमित नहीं है। वह लोगों को पानी की बचत करने, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने, कचरे का उचित प्रबंधन करने और अपने आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए भी जागरूक करता है। उसका संदेश है कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। छोटी उम्र, बड़ा जज्बा दे रहा समाज को बड़ा संदेश पर्व की पर्यावरण मुहिम यह साबित करती है कि समाज में बदलाव लाने के लिए उम्र बड़ी होने की जरूरत नहीं, बल्कि सोच और इरादे मजबूत होने चाहिए।

महज 10 साल की उम्र में हजारों लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना उसकी मेहनत और पर्यावरण के प्रति समर्पण को दर्शाता है।य दि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह अथवा किसी खुशी के अवसर पर एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को अधिक स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाया जा सकता है। पर्व बंसल की छोटी-सी पहल आज हजारों लोगों को यह संदेश दे रही है कि प्रकृति को बचाने की शुरुआत किसी भी उम्र में की जा सकती है।
📍 Location: मोगा
मेष: दिन शुभ रहेगा...