बठिंडा: सोमवार को हुई नगर निगम की जरनल हाउस बैठक में शहर में अस्तव्यस्त सीवरेज व्यवस्था व बरसाती सीजन से पहले की गई लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा किया। वही इसे लेकर जरनल हाऊस में दो बड़े प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें पहले प्रस्ताव में शहर के सीवरेज सिस्टम को दुरु स्त करने के लिए नगर निगम की तरफ से सीवरेज बोर्ड व त्रिवेणी को दिए जा रहे करोड़ों रु पए के इस्तेमाल को लेकर विजिलैंस जांच करवाने। शहर में उक्त राशि का कहां इस्तेमाल किया गया व मामले में किस स्तर पर लापरवाही की गई इसकी जांच करवाकर जिम्मेवार अधिकारियों व कंपनी प्रबंधकों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए कहा गया है। वही दूसरे प्रस्ताव में हाउस ने शहर में सीवरेज व्यवस्था की देखरेख का काम सीवरेज बोर्ड से वापिस लेकर नगर निगम को सौंपने व इसमें सीवरेज बोर्ड के कर्मी व अधिकारियों को डेपुडेशन पर तैनाती देने पर सहमती बनी है।
अब इसमें दूसरे प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा जबकि विजिलेंस जांच आगामी कुछ दिनों में शुरू हो सकती है। इस सख्त फैसले से हाउस शहर में लोगों के अंदर पनप रहे विरोध को भी कम करने की कोशिश कर रहा है क्यों कि एक लंबे अरसे बाद शहर का पूरा सीवरेज सिस्टम डामाडोल हो गया है व हर गली मुहल्ले में गंदा पानी भरने से बरसातों के दिनों में महामारी फैलने की अंदेशा भी बन रहा है। फिलहाल बैठक में बरसाती सीजन में पानी निकासी व सीवरेज जाम की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम अपने स्तर पर योजना बनाकर काम करेगा व इसमें निगम के अधिकारियों को निगरानी के तौर पर काम देखने की हिदायते दी गई है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मेष: दिन शुभ रहेगा...