फाजिल्का: पंजाब के फाजिल्का जिले में लंबे समय से जलभराव की समस्या झेल रही 412 एकड़ जमीन को दो सब-सरफेस ड्रेनेज प्रोजेक्ट के जरिए फिर से खेती योग्य बनाया गया है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने खुइयां सरवर और नाकेरिया गांवों का दौरा कर किसानों और स्थानीय लोगों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
खुइयां सरवर में दो प्रोजेक्ट पूरे
खुइयां सरवर गांव में पानी की समस्या दूर करने के लिए सब-सरफेस ड्रेनेज सिस्टम के दो प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। पहले प्रोजेक्ट पर 5.38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इससे 327 एकड़ जमीन को जलभराव से राहत मिली है। दूसरे प्रोजेक्ट पर 2.40 करोड़ रुपये की लागत आई और इसके जरिए 85 एकड़ जमीन को दोबारा खेती के लायक बनाया गया। इस तरह दोनों प्रोजेक्ट पर कुल 7.78 करोड़ रुपये खर्च हुए और 412 एकड़ जमीन को पानी से राहत मिली। दोनों प्रोजेक्ट का काम मई 2026 में शुरू किया गया था।
किसानों के लिए बड़ी राहत
मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि फाजिल्का के किसानों के लिए जलभराव लंबे समय से बड़ी समस्या रही है। पानी जमा रहने के कारण जमीन का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता और किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस समस्या का अस्थायी नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और स्थायी समाधान निकालने पर ध्यान दे रही है। सब-सरफेस ड्रेनेज सिस्टम के जरिए जमीन के अंदर जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकाला जाता है, जिससे जमीन दोबारा खेती योग्य बन सकती है। मंत्री ने कहा कि किसान की जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं होती, बल्कि उसकी आमदनी, परिवार की रोजी-रोटी और भविष्य का आधार होती है। इसलिए जलभराव वाली जमीन को फिर से खेती के लायक बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
नाकेरिया में 250 एकड़ जमीन को मिलेगी राहत
नाकेरिया गांव में भी सब-सरफेस ड्रेनेज सिस्टम का एक प्रोजेक्ट चल रहा है। इस पर 6.91 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद करीब 250 एकड़ जलभराव वाली जमीन को राहत मिलने की उम्मीद है। नाकेरिया प्रोजेक्ट का काम भी मई 2026 में शुरू किया गया था। इसके पूरा होने से किसानों को अपनी जमीन का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने और खेती को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
गांवों में बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर
बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार जलभराव की समस्या के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के विकास पर भी लगातार काम कर रही है। सरकार की ओर से सड़क, सिंचाई, ड्रेनेज, पीने के पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा समस्याओं को दूर करना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है जिसका फायदा आने वाली पीढ़ियों को भी मिले। खुइयां सरवर में 412 एकड़ जमीन को जलभराव से राहत मिलना स्थानीय किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे जमीन का दोबारा बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और खेती पर निर्भर परिवारों को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
📍 Location: Fazilka (Fazilka)

