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बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई, 119 मामलों को रोका गया; “पंजाब में बाल विवाह के लिए कोई जगह नहीं”

चंडीगढ़: पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज कहा कि मान सरकार पंजाब को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने के लिए निरंतर, प्रतिबद्ध और परिणामोन्मुखी प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि 2022 से अब तक त्वरित कार्रवाई के माध्यम से बाल विवाह के कुल 119 मामलों को सफलतापूर्वक रोका गया है।

अधिक जानकारी देते हुए, डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि 2022 में 31, 2023 में 20, 2024 में 42 और 2025 में अब तक 26 मामलों को रोका जा चुका है – जो राज्य में बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार के ज़िम्मेदार और सक्रिय उपायों को दर्शाता है।

मंत्री महोदया ने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब सरकार बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने के लिए गाँव-गाँव से लेकर शहरी स्तर तक जागरूकता अभियान सक्रिय रूप से चला रही है। उन्होंने ज़िला स्तरीय टीमों और सहायक अधिकारियों के समर्पित कार्य की सराहना की, जो ऐसी घटनाओं को समय पर रोकने के लिए गाँव के सरपंचों, पंचों और अन्य प्रमुख हस्तियों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं।

प्रमुख बाल अधिकार कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता भुवन रिभु ने भी हाल ही में एक ट्वीट में डॉ. बलजीत कौर की सराहना करते हुए उन्हें “असली हीरो” बताया और कहा कि पंजाब बाल विवाह की बुराई को खत्म करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है।

डॉ. बलजीत कौर ने आगे चेतावनी दी कि बाल सुरक्षा और बाल अधिकार कानूनों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे न केवल गाँवों और कस्बों में बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता फैलाएँ, बल्कि लोगों को कड़े कानूनी प्रावधानों और ऐसे कृत्यों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी सज़ा के बारे में भी बताएँ।

अंत में, डॉ. बलजीत कौर ने पंजाब के लोगों से इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के सरकार के अभियान में सामूहिक रूप से सहयोग करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, “लोगों की सक्रिय भागीदारी के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। हम सब मिलकर पंजाब को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाएंगे।”

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