अमृतसर (पंजाब): होशियारपुर जिले के गढ़शंकर के निकट नूरपुर जट्टां गांव में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना की कड़ी निंदा करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पंजाब सरकार की नाकामी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे असामाजिक तत्वों का हौसला बढ़ रहा है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब हमें जीवन में मार्गदर्शन करते हैं और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों और संगत दोनों की जिम्मेदारी है कि वे गुरु घर की पवित्रता और मर्यादा को बनाए रखें और सेवा में तत्पर रहें।
उन्होंने कहा कि कुछ गुरुद्वारा कमेटियों की लापरवाही के कारण ऐसी दर्दनाक घटनाएं होती हैं, जिससे पूरे सिख समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं। एसजीपीसी अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि आज गांवों और कस्बों के हर मोहल्ले में अनेक गुरुद्वारे मौजूद हैं, लेकिन उनके प्रबंधन और रखरखाव पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि आदर्श रूप से प्रत्येक गांव में एक ही गुरुद्वारा साहिब होना चाहिए, जिसके प्रबंधन में पूरी संगत की संयुक्त भागीदारी हो। अगर ऐसा होता है तो पूरा गांव बेहतर प्रशासन और उचित सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने इस दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने समुदाय से गुरुद्वारों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रुख अपनाने की अपील करते हुए कहा कि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोकने के लिए प्रत्येक गांव में सेवाभावी गुरसिखों की समितियां गठित की जाएं।
एडवोकेट धामी ने बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में लगातार बेअदबी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार सख्त कार्रवाई करने की बजाय ध्यान देने में भी विफल रही है।
उन्होंने कहा कि यह सिख भावनाओं के प्रति सरकार के गैरजिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है, जो बेहद निंदनीय है। एडवोकेट धामी ने मांग की कि सरकार अपना उदासीन रवैया छोड़े और ऐसी बेअदबी की घटनाओं के पीछे के लोगों को बेनकाब करे तथा उन्हें सख्त सजा दिलाए।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र सरूपों को उचित सम्मान के साथ गुरुद्वारा श्री माहिलपुर शहीदां लाधेवाल में स्थापित किया गया।
इस बीच, एसजीपीसी सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के आदेश पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के हेड ग्रंथी के नेतृत्व में एक टीम भेजी गई।
टीम ने गुरुद्वारा श्री माहिलपुर शहीदां लधेवाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के तीन पवित्र स्वरूपों को विराजमान किया। जब तक उचित प्रबंध नहीं हो जाते, तब तक ये स्वरूप वापस नहीं किए जाएंगे। उन्होंने सभी गुरुद्वारा प्रबंधकों से सतर्क रहने की अपील की।
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