चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा बिजली की नई दरों में कटौती की घोषणा को राज्य की सियासत में मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। पहले हर माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली की गारंटी को पहले ही साल लागू कर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने बिजली की दरों में कटौती कर राज्य के 3 करोड़ से अधिक लोगों को बड़ी राहत दी है। इसे राज्य के बिजली क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम बताया जा रहा है। इसके अनुसार राज्य सरकार घरों के लिए अपनी मुफ्त बिजली योजना जारी रखेगी, साथ ही कई उपभोक्ता श्रेणियों के लिए बिजली की दरों में भी कटौती की गई है।
इस कदम का उद्देश्य निवासियों, व्यापारियों और उद्योगों को राहत देना है और साथ ही राज्य के बिजली इंफ्रास्ट्रर को मज़बूत बनाना है। संशोधित टैरिफ संरचना के तहत, घरेलू बिजली की दरों में 1.50 रुपए प्रति यूनिट की कटौती की गई है, जिससे पूरे राज्य के घरों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी। सरकार ने कहा कि इस कदम से विशेष रूप से मध्यम और निम्न-आय वाले परिवारों को लाभ होगा। यह कटौती व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी लागू होती है।
दुकानों के लिए बिजली 79 पैसे प्रति यूनिट सस्ती कर दी गई है। उम्मीद है कि इस कदम से छोटे व्यवसायों और स्थानीय व्यापारियों को बड़ी मदद मिलेगी। औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी नई टैरिफ नीति से लाभ होगा। औद्योगिक इकाइयों के लिए बिजली 74 पैसे प्रति यूनिट सस्ती कर दी गई है। आम आदमी पार्टी की सरकार का मानना है कि इससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और पंजाब निवेश के लिए एक अधिक आकर्षक स्थान बनेगा।
इसके अलावा राज्य सरकार ने इलैक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिग स्टेशनों के लिए सस्ती बिजली दरों की घोषणा की है। इसके तहत दरें 5 रुपए प्रति यूनिट तय की गई हैं, जिससे पंजाब देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां ईवी चार्जिग के लिए बिजली की दरें सबसे कम हैं। इस कदम का उद्देश्य इलैक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देना और स्वच्छ परिवहन की ओर बदलाव में सहायता करना है। बिजली की ये संशोधित दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। यह कदम राज्य में उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली क्षेत्र के सतत प्रबंधन के बीच संतुलन बनाने के सरकार के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है।
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