
Tiranga Yatra: ऑपरेशन सिन्दूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद अमृतसर में भारतीय सेना, सुरक्षाबलों और प्रधानमंत्नी नरेंद्र मोदी को धन्यवाद करते हुए भव्य तिरंगा यात्ना ढोल ढमके और बैंड बाजे के साथ तरुण चुघ के कार्यालय लाहौरी गेट से शहीद भगत सिंह वेलफेयर क्लब द्वारा आयोजित की गई जिसमें सैकड़ों स्कूली बच्चों, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, नगर की प्रतिष्ठित हस्तियों और आम नागरिकों ने भाग लिया। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्नी तरुण चुघ इस यात्रा में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर के बाद अमृतसर में ढोल ढमके व बैंड बाजे से निकाली गई तिरंगा यात्रा के माध्यम से जन-सम्मान और एकजुटता का संदेश दिया गया है। ऑपरेशन सिन्दूर के जरिए भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज का भारत शांति चाहता है, लेकिन आतंक के समूल विनाश के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है। यह तिरंगा यात्ना भारतीय सेना, सुरक्षाबलों और प्रधानमंत्नी नरेंद्र मोदी को नमन करने का एक भावपूर्ण प्रयास है, जिन्होंने सीमाओं पर बैठकर देश को सुरिक्षत रखा और आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।
अब टैरर और ट्रेड का पांखड नहीं चलेगा : चुघ ने कहा कि ‘टेरर और टॉक साथ नहीं चल सकते’। अब ‘टेरर और ट्रेड’ का पाखंड भी नहीं चलेगा। जब एक देश अपनी भूमि से आतंकवाद भेजता हो तो दुसरे देश के लिए संधियाँ मायने नहीं रखती अब नहीं चलने वाला की पाकिस्तान हमारे नागरिकों का खून बहाए और भारत उन्हें पानी दे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर अभी स्थगित हो सकता है, लेकिन समाप्त नहीं हुआ है। पाकिस्तान से अब बात सिर्फ दो ही बातों पर होगी-सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की वापसी पर और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के संपूर्ण नाश पर।
ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्र की आत्मा और न्याय की प्रतिज्ञा थी : चुघ ने जोड़ा कि ऑपरेशन सिन्दूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, यह राष्ट्र की आत्मा और न्याय की प्रतिज्ञा थी, जिसे भारत ने वैश्विक मंच पर साहस के साथ प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्नी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान की सरहद के भीतर घुसकर जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज़बुल मुजाहिदीन के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया है।
जगह जगह पर आरती और नौनिहालों द्वारा फूलों की वर्षा के साथ भारत माता की जय से गूंजा अमृतसर : इस यात्ना का आरंभ लाहौरी गेट से हुआ और बेरी गेट इनर सर्कल, कटरा भाई संत सिंह, बाजार खिलौना, बाज़ार फुलावाला, टुंडा तालाब चौक, बाजार टोकिड़यां, कटरा सफेद होते हुए पुन: लाहौरी गेट पर आकर समाप्त हुई। यात्ना का जगह जगह आरती की थाली और पुष्पवर्षा से स्वागत हुआ इस दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘हम सैन्य बलों के साथ हैं’ और ‘भारत ऑपरेशन सिन्दूर के साथ’ जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
रथ पर सवार बच्ची भारत माता बनी और 100 मीटर लंबा तिरंगा छाया : यात्ना की विशेष झलक एक नन्ही बच्ची थी जो ‘भारत माता’ के रूप में रथ पर सवार थी। स्कूली छात्नों ने 100 फीट लंबा तिरंगा लेकर यात्ना में भाग लिया और ऑपरेशन सिन्दूर का मानचित्न, प्रधानमंत्नी नरेंद्र मोदी की तस्वीर और भारतीय सेना की वीरता को दर्शाने वाले पोस्टर लेकर चल रहे थे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...