चंडीगढ़: पशुओं के प्रति मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के लिये एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुये, पंजाब सरकार ने पशु भलाई बोर्ड पंजाब के तहत सभी कुत्ता पालने वालों और पालतू पशुओं की दुकानों का पंजीकरण अनिवार्य करने की घोषणा की है।
डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने शुक्रवार को कहा कि कुत्ता पालने वालों और पालतू पशुओं की दुकानों को पशु क्रूरता निवारण (कुत्ते प्रजनन और विपणन) नियम 2016 के तहत पंजीकृत किया जायेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पशुओं के खिलाफ क्रूरता को रोकना और राज्य में जिम्मेदार प्रजनन प्रथाओं को बढ़ावा देना है।
बोर्ड प्रजनकों और पालतू जानवरों की दुकानों की गतिविधियों की निगरानी और विनियमन करेगा, यह सुनिश्चित करते हुये कि वे उन मानकों का पालन करते हैं, जो जानवरों के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देते हैं। इसमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि जानवरों को अमानवीय रहने की स्थिति में न रखा जाये और उनकी पर्याप्त देखभाल प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि यह कुत्तों और बिल्लियों सहित पालतू जानवरों के विपणन में नैतिक प्रथाओं को प्रोत्साहित करेगा।
बोर्ड के सदस्यों और संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे पालतू पशुओं की दुकान के मालिकों और प्रजनकों को पशुओं की उचित देखभाल और कल्याण तथा नियमों के बारे में शिक्षित करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवहन नियमों और पशुओं पर भार सीमा के नियमों को संबंधित अधिकारियों द्वारा तुरंत लागू किया जाना चाहिये।
पशुपालन मंत्री ने बोर्ड के सदस्यों से पशु अधिकारों और पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम के नियमों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिये स्कूलों और कॉलेजों में व्याख्यान आयोजित करने अन्य पहल करने को कहा।
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