
अमृतसर: पंजाब में नशे की समस्या को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से अमृतसर के गांव थांदा और वार्ड नंबर 69 व 58 में जनसभाएं आयोजित की गईं। माझा जोन के इंचार्ज दीक्षित धवन के नेतृत्व में हुई इन बैठकों में वार्ड डिफेंस कमेटियों ने भी सहयोग दिया। इस दौरान लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया और उनके सुझाव भी सुने गए।
नशे के खिलाफ मिलकर काम करने की अपील
बैठकों में दीक्षित धवन ने कहा कि नशे की समस्या को रोकने के लिए पुलिस, प्रशासन और आम जनता का एक साथ मिलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम का जिक्र करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में लोगों की भागीदारी अहम है। इस दौरान आयोजकों की ओर से दावा किया गया कि मुहिम के तहत पंजाब में 80 हजार से अधिक नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
नशा तस्करी की सूचना देने के लिए जारी किया नंबर
दीक्षित धवन ने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें अपने इलाके में नशा बेचने या तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो वे सेफ पंजाब के हेल्पलाइन या व्हाट्सऐप नंबर 97791-00200 पर इसकी सूचना दें। उन्होंने बताया कि सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखने की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी साझा की गई।
अधिकारियों और कमेटी सदस्यों ने लिया हिस्सा
इन बैठकों में स्थानीय एसएचओ, जिला सिविल प्रशासन के अधिकारियों और नशा मुक्ति मोर्चा व ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान से जुड़े सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर हनी नाहर, जय कुच्छ बुट्टर, राजेश हांडा, मोनिका, नरेश भगत, रोहित जोली, राजू भाटिया, राजकुमार, बोवी, सुदेश कुमार और वार्ड डिफेंस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष मनजीत सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठकों का उद्देश्य लोगों को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक करना और नशा तस्करी से जुड़ी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना रहा।